Uttar Pradesh: पिता की मेहनत और बेटियों की लगन; तीन बहनों ने एक साथ यूपी पुलिस में हासिल की सफलता
यूपी के जौनपुर जिले में तीन सगी बहनों ने एक साथ यूपी पुलिस की परीक्षा में सफलता हासिल की है। बहनों के एक साथ परीक्षा क्वालीफाई करने पर उनके घर में बधाइयों का तांता लगा हुआ है। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट

जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सिकरारा ब्लाक के महमदपुर अजोसी गांव से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। जहां तीन सगी बहनों ने एक साथ यूपी पुलिस की परीक्षा को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। इस उपलब्धि पर उनके घर में बधाइयों का माहौल है, और उनके पिता की खुशी का ठिकाना नहीं है। मां हर किसी को मिठाई खिलाकर इस खुशी का जश्न मना रही हैं, वहीं पूरा गांव भी इन बेटियों के प्रति गर्व महसूस कर रहा है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवादाता के अनुसार, इन तीन बहनों की कहानी संघर्ष और परिश्रम की मिसाल है। पिता स्वतंत्र उर्फ पप्पू चौहान, जो एक किसान हैं, ने अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिए अपनी जमीन तक बेच दी। उन्होंने चार बच्चों का सही तरीके से पोषण और शिक्षा देने की जिम्मेदारी उठाई, जो एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। पप्पू ने हमेशा से अपने बेटियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल के मैदान में भी भेजने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि उनकी बेटियाँ न केवल शिक्षित हों बल्कि शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहें।
यह भी पढ़ें |
UP News: बारात में दूल्हे के पिता से चार लाख की लूट, पुलिस ने शुरू की जांच
पप्पू चौहान की तीन बेटियों के संघर्ष की कहानी
खुशबू, कविता और सुंदरी ने यूपी पुलिस की परीक्षा में सफलता हासिल की है, जो न केवल उनके लिए बल्कि पूरे परिवार और गांव के लिए गर्व की बात है। पप्पू ने अपनी बेटियों को हर कदम पर सहयोग दिया और उन्हें अपनी पढ़ाई में हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, "मेरी बेटियों ने मुझे गर्वित किया है। उनकी मेहनत और लगन से मुझे यह विश्वास है कि वे समाज में एक अच्छा स्थान बनाएंगी।"
यह भी पढ़ें |
UP News: होटल में मिलने पहुंचे जीजा-साली, मौके पर पहुंचा पति, दरवाजा खुलते ही...
उनकी मां ने कहा, "मैंने हमेशा अपनी बेटियों के सपनों को अपने सपनों से ऊपर रखा। उनकी सफलता से मुझे अपार खुशी मिली है।" उन्होंने कहा मेरा पूरा गांव इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है।
यह कहानी उन सबके लिए एक संदेश है जो मानते हैं कि लड़कियाँ केवल घर संभालने के लिए होती हैं। तीनों बहनों ने यह साबित कर दिया कि यदि संकल्प और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा सफलताओं को रोक नहीं सकती। उनका यह संघर्ष बताता है कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में सफल हो सकती हैं, बशर्ते उनके साथ सही समर्थन और विश्वास हो। इस प्रकार, ये तीन बहनें न केवल अपने परिवार का नाम रोशन की हैं, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बनी हैं।