दरोगा भर्ती मामला: अभ्यर्थियों ने योगी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, शुरू किया धरना प्रदर्शन

डीएन संवाददाता

उत्तर प्रदेश पुलिस में जाने का छह वर्षों से सपना संजोए बैठे 2011 के पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों ने रविवार को राजधानी के लक्ष्मण मेला मैदान मे विरोध प्रदर्शन किया।

धरना स्थल की तस्वीर

लखनऊ: यूपी में सरकार बदलने के बाद भी पुलिस और प्रशासन आपराधिक घटनाओं को रोकने में नाकाम साबित हो रही है। ऐसे गंभीर मामलों में पुलिस अक्सर एक ही बात कहती नजर आती है की हमारे पास पर्याप्त मात्रा में फोर्स नहीं है। लेकिन इस विडम्बना ही कहेंगे की ट्रेनिंग ले चुके दरोगा पद के अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश में दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर है। सरकारी भर्तियों में राजनीतिक दखल इस कदर हावी है की पुलिस विभाग की 2011 की दरोगा भर्ती इसका उदाहरण है।

 

क्या है पूरा मामला

दरअसल 2011 में मायावती सरकार ने लगभग चार हजार पदों के लिए विज्ञापन निकाला था लेकिन भर्ती प्रकिया पूरी होने के पहले ही सरकार बदल गई उसके बाद अखिलेश सरकार ने कुछ बदलाव के बाद परीक्षा कराई लेकिन नियमों और परीक्षा के तरीके को लेकर विवाद हो गया। वहीं जब कुछ छात्र पूरी भर्ती प्रकिया को लेकर हाई कोर्ट चले गये तो पूरी भर्ती प्रकिया अधर में लटकती चली गई। काफी लेटलतीफी के बाद आखिरकार पिछली अखिलेश सरकार ने उन्हे ट्रेनिंग पर भेजा मगर एक साल की लम्बी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद भी पिछले आठ महीने से ये अभ्यर्थी घर पर ही नियुक्ति के इंतजार में बैठे हैं।

 

अब इन्हे आस है की योगी सरकार इनकी समस्या को जरुर सुनेगी जिसके लिए इन सभी अभ्यर्थीयों ने रविवार को अपनी मांगो को लेकर राजधानी के लक्ष्मण मेला मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए है। वही आज अभ्यर्थियो से आला प्रशासनिक अफसरों ने मुलाकात भी की और उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का ठोस आश्वासन दिया।

अब देखने वाली बात यह होगी की प्रदेश की योगी सरकार उनके भविष्य को लेकर क्या फैसला करती है या इनकी ये लंबी लड़ाई ऐसे ही चलती रहेगी?

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