नवरात्र विशेष: जानें क्या है माँ तपेश्वरी की कहानी.. किसके तप से प्रकट हुई थीं मां ?

डीएन संवाददाता

माँ सीता के तप से प्रकट हुईं माँ तपेश्वरी की मनमोहक कहानी.. पढ़िये इस खास रिपोर्ट में..

माँ तपेश्वरी मंदिर
माँ तपेश्वरी मंदिर

कानपुर: देश भर में नवरात्रि की धूम शुरू हो गयी है। दूर-दूर से भक्त, श्रद्धालु जय माता दी के जयकारे लगाते हुए माता के दर्शन को पहुँच रहे हैं। ऐसा ही कुछ नज़ारा शहर के प्रसिद्ध मंदिरों में देखने को मिला। भक्तों की भीड़ मंगलवार से मंदिरों में उमड़ पड़ी।

कानपुर के बिरहाना रोड स्थित प्रसिद्द माँ तपेश्वरी देवी का मंदिर है। यहाँ नवरात्रि के पहले से ही मंदिर की देख रेख, प्रशासन की उचित व्यवस्था, बैरिकेटिंग, महिला व पुरुषों की अलग-अलग लाइन की व्यवस्था की गयी है।

भक्तों की कतार

क्या कहता है इतिहास

सैकड़ों साल पुराना ये बिरहाना रोड पटकापुर स्थित माँ तपेश्वरी देवी का मंदिर रामायण काल से जुड़ा है। नवरात्रि में हर दिन यहां हजारों भक्त दर्शन के लिए दूर-दूर से आते हैं और माता के दर्शन के बाद लोग अपने बच्चों का मुंडन और कर्ण-छेदन भी कराते हैं। यहाँ 4 देवियां कमला, विमला,सरस्वती और लक्ष्मी विद्यमान है।

माता का मंदिर

क्या कहते है मंदिर के पुजारी

मंदिर के पुजारी शिव कुमार ने डाइनामाइट न्यूज़ को बताया कि ऐसी मान्यता है कि बनवास के बाद माता सीता बिठूर से आकर यहाँ तप के लिए आती थीं। उनके तप से ही यहाँ तपेश्वरी देवी प्रकट हुई थी। लव-कुश के मुंडन की ऐसी परंपरा भी चली आ रही है कि लोग अपने बच्चों का मुंडन और कर्णछेदन भी माता के दर्शन के बाद यहाँ कराते है।

 

क्या है ख़ास इंतज़ाम

नवरात्रि के लिए मंदिर में ख़ास इंतज़ाम किये गए है। भक्तों की भीड़ को देखते हुए महिला और पुरुष की अलग लाइन होंगी। बैरिकेटिंग, सीसीटीवी कैमरे, मंदिर की धुलाई सभी चीज़ें सुचारू रूप से व्यवस्थित की गयी हैं। मंदिर के पट सुबह 4 बजे से खोल दिए जा रहे हैं। प्रशाशन की व्यवस्था भी चाक-चौबंद देखने को मिल रही हैं।                   

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