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नई दिल्लीः छठ पूजा के लिए चार दिन नहाय-खाय, खरना या लोहंडा, संध्या अर्घ्य और सूर्योदय अर्घ्य महत्वपूर्ण है। छठ की पूजा में गन्ना, फल, डाला और सूप आदि का प्रयोग किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, छठी मइया को भगवान सूर्य की बहन बताया गया है। इस पर्व के दौरान छठी मइया के अलावा भगवान सूर्य की पूजा-आराधना होती है।
छठी मइया की कृपा पाने के लिए महापर्व के चार दिन कुछ विशेष बातों को ध्यान में रखना चाहिए। सूर्य भगवान को जिस बर्तन से अर्घ्य देते हैं, उसका विशेष ध्यान रखें, अर्घ्य देने के लिए तांबे के लोटे का इस्तेमाल करना सही रहेगा।

छठ के दौरान सात्विक भोजन ही करें। महापर्व शुरू होने के बाद लहसुन-प्याज का बिल्कुल सेवन न करें।हो सके तो घर में प्याज और लहसुन बिल्कुल न रखें।
सूर्य को अर्घ्य देने से पहले जल या भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए। अगर आपने छठी मइया की मनौती मानी है तो उसे जरूर पूरा कर लेना चाहिए।

बच्चों को छठ पूजा का प्रसाद जूठा ना करने दें जब तक छठ पर्व संपन्न ना हो जाए। हाथ धोए बिना किसी को भी पूजा का सामान न छूने दें।
Published : 18 November 2020, 10:53 AM IST
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