लखनऊ: सीएम योगी ने किया राज्य स्तरीय कौशल विकास प्रतियोगिता का उद्घाटन

डीएन ब्यूरो

नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के सहयोग से कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षित युवाओं के लिए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया गया है। पूरी खबर..


लखनऊ: नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के सहयोग से कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षित युवाओं के लिए एक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया गया है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विजेता घोषित युवाओं को राष्ट्र स्तरीय कौशल विकास मिशन प्रतियोगिता में भाग लेना होगा, जिस में चयनित युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

इस प्रतियोगिता का शुभारंभ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया। इस मौके पर सीएम योगी के साथ यूपी के राज्यपाल राम नाईक, खेल मंत्री चेतन चौहान, कौशल विकास विभाग राज्यमंत्री सुरेश पासी समेत कई गणमान्य हस्तियां भी मौजूद रहीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कौशल विकास मिशन के तहत 1 वर्ष में अब तक 5 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। जिसमें से 2 लाख युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार और Yamaha,Samsung जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ एक एमओयू पर करार किया गया। जिसके तहत यह कंपनियां युवाओं को अपनी उद्योग की जरूरतों के हिसाब से अपने विशेषज्ञ के माध्यम से ट्रेनिंग दिला कर अपने यहां रोजगार उपलब्ध कराएंगी। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इसके माध्यम से लाखों युवाओं को आगे भी इसी तरह रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा कराया जा सके और उनकी प्रतिभा क्षमता का राष्ट्र निर्माण में पूरा प्रयोग किया जा सकें। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। वहीं 'डाइनामाइट न्यूज़' से बात करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास राज्यमंत्री सुरेश पासी ने बताया कि यह योजना केंद्र सरकार की मदद से यूपी में संचालित की जा रही है और आगे बड़ी बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों से समझौता कर उनमें प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार दिलाया जाएगा। साथ ही कौशल विकास योजना के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को अधिक वेतन बताकर कम वेतन देने के मामले में मंत्री सुरेश पासी ने बताया की उनके संज्ञान में अब तक इस तरह का कोई मामला नहीं आया है। अगर इस तरह का कोई मामला सामने आएगा तो उस पर कार्यवाही की जाएगी। 

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले कानपुर के रोडवेज डिपो में नौकरी से निकालें गये कुछ कर्मचारी सीएम आवास पर ज्ञापन देने पहुंचे थे। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्होंने कौशल विकास मिशन के तहत कानपुर स्थित कौशल विकास केंद्र से प्रशिक्षण लिया था और उन्हें रोडवेज डिपो में काम करने के लिए भेजा गया था। जहां उन्हें पहले ₹7000 मासिक वेतन देने की बात हुई थी। मगर बाद में साढे तीन हजार रुपए दिया जाने लगा और जब उन्होंने इसकी शिकायत वंहा सर्विस मैनेजर से की तो उन सभी को धमकी देकर नौकरी से निकाल दिया था।
 

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