Kaushambi: शक्तिपीठ कड़ा धाम में श्रद्धालुओं का तांता

डीएन ब्यूरो

देश की 51 शक्तिपीठों में शामिल शीतला देवी शक्तिपीठ कड़ा धाम में शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन मां शीतला देवी के दर्शन के लिये श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

फाइल फोटो

कौशांबी: देश की 51 शक्तिपीठों में शामिल शीतला देवी शक्तिपीठ कड़ा धाम में शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन मां शीतला देवी के दर्शन के लिये श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पवित्र पावनी गंगा के किनारे स्थित शीतला देवी शक्ति पीठ अनादि काल से शक्ति उपासकों के आस्था का केन्द्र बनी हुई है।

पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार शिव अर्धांग्नी शती का एक हाथ भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र से काटे जाने पर जिस स्थान पर हाथ गिरा था उसे 'करा' अपभ्रंस होने पर 'कड़ा' नाम पड़ गया। जिस स्थान पर सती का हाथ गिरा था वही स्थान शीतला देवी शक्ति पीठ बन गई। कालान्तर में द्वापर युग में महाराज युधिष्ठिर ने उक्त स्थान में एक विशाल मंदिर का निर्माण कराया था। जो वर्तमान में भव्य रूप धारण कर चुका है।

शीतला शक्ति पीठ में वर्ष के दोनों नवरात्रों के अवसर पर देश के कोने कोने से लाखों श्रद्धालु यहां आकर मां के दरबार में माथा टेकते है। सुख–समृद्धि के लिए मन्नतें मानते हैं। मां के चरणों में ध्वज–पताका‚ निशान‚ नारियल‚ चुनरी‚ बतासा‚ आभूषण‚ वस्त्र दान करते हैं। गरीब और कन्याओं को भोजन कराने की परम्परा है।

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शारदीय नवरात्र के अवसर पर पूरे नवदिन शक्ति उपासकों की भीड़ मां शीतला के दर्शनार्थ उमड़ती है। प्रतिपदा के एक–दो दिन पूर्व से ही भक्त श्रद्धालुओं का आगमन यंहा होने लगता है। कड़ा आने पर गंगा स्नान तदोनरान्त मां शीतला के दर्शन की परम्परा है। मां शीतला के चरणों के समीप बनी जलहरी में गंगा जल व दूध भक्तजन भरते हैं। जलहरी भरने का अंहकार भाव नही होना चाहिए।

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पण्डा समाज के अध्यक्ष अनिल पण्डा ने बताया कि नवरात्र मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्थानीय प्रशासन बिजली पानी दवाइयों की व्यवस्था नही कर सका। मेला क्षेत्र की सफाई भी नही हो पा रही है। उपजिलाधिकारी जलराजन चौधरी का कहना है कि यात्रियों की मुक्म्मल सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पीएसी के अलावा मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात है। बिजली पानी चिकित्सा के लिए संबन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। मेला में आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन निगम की अतिरिक्त बसों के संचालन के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्राचार किया जा चुका है। (वार्ता)

 

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