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नई दिल्ली: भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है। यहां स्थान बदलने के साथ ही बोली, परंपराएं व रहन-सहन का तरीका भी बदल जाता है। यहां त्योहार मनाने का अंदाज भी अलग-अलग ही है। होली भी एक ऐसा ही त्योहार है, जो भारत के अलग-अलग प्रदेशों व स्थानों पर विभिन्न परंपराओं के साथ मनाया जाता है हैरान करने वाली बात यह है की विदेशों में भी जमकर होली मनाई जाती है। बस रूप अलग होता है। इनके पीछे अलग-अलग कथाएँ, तरह-तरह से रंग-ढंग और रस्में प्रचलित हैं।
कहां और कैसे मनाई जाती है होली पढ़िए:
रोम: यहां रेडिका नामक पर्व मनाया जाता है। इसमें किसी ऊंचे स्थान पर लकड़ियां एकत्र कर ली जाती हैं तथा उन्हें जलाया जाता है। बाद में व्यक्ति झूम-झूमकर नाचते-गाते हैं एवं खुशियों का इजहार करते हैं। सारा प्रयोजन अत्र की देवी फ्लोरा को खुश करने के लिए किया जाता है।
जापान: यहां होली को हास-परिहास के पर्व के रूप में तथा नई फसल के रूप में मनाया जाता है। मार्च में मनाए जाने वाले पर्व में जापान निवासी बड़े उत्साह और उमंग से भाग लेते हैं और अपने नाच-गाने तथा आमोद-प्रमोद में वातावरण को आकर्षक और मदमस्त बना देते हैं।
मॉरीशस: बसंत पंचमी के दिन से शुरू होकर करीब 40 दिन तक होली का आयोजन यहां चलता रहता है। भारत की भांति होलिका दहन भी यहाँ होता है।
स्पेन: यहां के वैलेशिया शहर में प्रत्येक वर्ष 19 मार्च को आग की रात के नाम से एक पर्व मनाया जाता है, जिसमें आतिशबाजी, झांकियां दिखाई जाती है। साथ ही साँड़ युद्ध के जरिये मनोरंजन होता है।
ग्रीस: ग्रीस में तरबूज के आकार के रसीले टमाटरों का उत्पादन होता है। इन्ही टमाटरों को वहां लव एप्पल के नाम से पुकारा जाता है। रंग-बिरंगी छींटाकशी तथा हो-हल्ले के साथ लव एप्पल की होली का शानदार नजारा दिनभर चलता रहता है।
म्यांमार: यहां के लोग तिजान नामक त्योहार मनाते हैं। यह पर्व चार दिनों तक चलता है। इन चार दिनों में बच्चे और बड़े राह चलते समस्त व्यक्तियों पर जल फेंकते है। जल एकदम साफ होता है। इसमें कोई रंग नहीं होता, बल्कि पादुक नामक फूल मिलाया जाता है।
Published : 10 March 2017, 3:30 PM IST
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