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महराजगंज: मध्यान्ह भोजन योजना भारत सरकार और राज्य सरकार के समवेत प्रयासो से संचालित है। महराजगंज जिले के पनियरा ब्लाक के ग्राम सभा स्थित स्कूल में भोजन की गुणवत्ता के सभी मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिसे देखकर आप भी सहज अंदाजा लगा सकते हैं कि इस विद्यालय में किस तरह से मासूम बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा हैं।
स्कूल में बच्चों के भोजन के लिए 6 दिन का मीनू चार्ट बनाकर चस्पा कर दिया गया है। लेकिन सच्चाई यह है कि हर दिन बच्चों को आलू और दाल की तहरी परोसी जा रही है। जिसमें बच्चों के खाने के लिए नाम मात्र की दाल,आलू और अन्य सामग्री देखी गई।

रसोईया से बाद करने पर पता चला की समान तोल कर नही मिलता। जो समान उन्हें मिलता है उसे ही बनाकर काम चलाती हैं। 110 बच्चों के लिए पुडिया पुडिया में समान आता हैं। प्रधानाध्यापक नंन्द किशोर निराला ने बताया की यहां भोजन रसोई गैस पर नहीं चूल्हे पर बनता हैं।
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इतना ही नहीं मध्यान भोजन के लिए प्रतिदिन जलाने के लिए लकड़ी आती है जिससे बच्चों का भोजन पकाया जाता है। हालांकि सरकार के द्वारा सभी विद्यालयों में गैस सिलेंडर आवंटित किया गया है इसके बावजूद विद्यालय से गैस सिलेंडर गायब हैं इतना ही नहीं इस विद्यालय में बच्चों को मेनू के अनुसार फल और दूध शायद ही कभी मिलता हैं यहां मेनू शायद कागजों में ही चल रहा है।

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इस संबंध में विद्यालय की प्रधानाध्यापक का भी साफ कहना है कि बच्चों को दूध और फल रोज नहीं मिल पाता है जब कभी आ जाता हैं तब ही बटता हैं। सरकार के द्वारा परिषदीय विद्यालयों में सर्व शिक्षा अभियान के नाम पर खर्च हो रहे धनराशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है वहीं सरकार की मंशा पर पानी फिरता जा रहा है।
Published : 19 October 2019, 2:10 PM IST
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