राम रहीम पर फैसला कल: पंजाब-हरियाणा में हाई अलर्ट

डीएन ब्यूरो

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ दायर यौन उत्पीड़न के एक मामले में कोर्ट 25 अगस्त को फैसला सुनाएगी। राम रहीम की पेशी को लेकर हरियाणा में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य हाई अलर्ट पर है।

बाबा राम रहीम
बाबा राम रहीम

चंडीगढ़: साध्वियों से यौन शोषण केस में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर शुक्रवार को फैसला आना है। फैसले से पहले पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की सरकारों की आफत बढ़ी हुई हैं, क्योंकि सैकड़ों की तादाद में बाबा के समर्थक पंचकूला पहुंच रहे हैं। राम रहीम के हजारों ऐसे समर्थक हैं जो बाबा के खिलाफ किसी भी तरह की कार्यवाही से नाराज होकर कभी भी उग्र हो सकते है, यहां तक कि कई नेता भी उनके मुरीद हैं।

फैसले से पहले गुरमीत राम रहीम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की।

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उन्होंने पोस्ट किया कि ' हमनें सदा क़ानून का सम्मान किया है, हालांकि हमारी बैक में दर्द है, फिर भी क़ानून का पालना करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे। हमें भगवान पर दृढ़ यक़ीन है।सभी शान्ति बनाए रखें।'

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हरियाणा और पंजाब में धारा 144 लागू

सरकार ने हरियाणा और पंजाब में धारा 144 लगा दी है। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ जाने वाली 28 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इनमें से छह ट्रेनें आज की हैं। इसके अलावा शुक्रवार को यहां बसें न चलाने के निर्देश दिए गए हैं। हरियाणा के तीन शहरों में 72 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी।

स्कूल-कॉलेज बंद

खबरें आ रहीं हैं कि इस केस का फैसला सुनाने वाले जजों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने स्‍कूल और कॉलेजों को भी बंद करवा दिया है।

सुरक्षा के मद्देनजर फोर्स तैनात

क्या है पूरा मामला? 
हरियाणा के पंचकुला की सीबीआई की विशेष अदालत दुष्कर्म के मामले में 25 अगस्त को फैसला देगी जिसमें डेरा सच्चा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह आरोपी हैं। मामले की सुनवाई 2007 से चल रही है। गुरमीत राम रहीम के पंजाब व हरियाणा व दूसरे राज्यों में लाखों अनुयायी हैं। गुरमीत राम रहीम पर उनकी पूर्व महिला अनुयायी ने डेरा शिविर में उससे रेप किए जाने का आरोप लगाया है। यह डेरा शिविर हरियाणा के सिरसा के बाहरी इलाके में है और चंडीगढ़ से 260 किलोमीटर दूर है।

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कौन है बाबा राम-रहीम

सिरसा डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह कई विवादों में घिरे रहे हैं। उनके खिलाफ कोर्ट में कई केस चल रहे हैं। इसके बावजूद उनके अनुयायियों में कोई कमी नहीं आई है। डेरा प्रमुख का प्रभाव बढ़ता ही रहा है। शाह सतनाम सिंह मस्ताना की विरासत को गुरमीत राम रहीम सिंह ने अपने कार्यकाल में कई गुना बढ़ा दिया। उन्होंने सर्वधर्म के प्रतीक के रूप में अपने नाम के साथ राम, रहीम, सिंह जोड़ा।

29 अप्रैल 1948 को तत्कालीन पंजाब के सिरसा में बलोचिस्तीनी साधू शाह मत्तन जी ने डेरा डाला, जो बाद में मस्ताना बाबा के नाम से जाने गए। उन्होंने ही अपने डेरे को सच्चा-सौदा नाम दिया। उनका सूफी फकीर जैसा स्वभाव था। नतीजतन लाखों लोग उनसे जुड़ते चले गए। मृत्यु उपरांत 1960 में सतनाम सिंह डेरा प्रमुख बने। 13 सितंबर 1990 में गुरमीत राम रहीम ने गद्दी संभाली। डेरे से जुड़े कई विवादों से भी गुरमीत राम रहीम ने सुर्खियां पाई। 

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