सांसद वरुण गांधी के प्रोजेक्ट पर वन विभाग का ब्रेक, निषाद समाज आक्रोशित

डीएन संवाददाता

उद्घाटन समारोह समेत कई कार्यक्रम और बड़ी धनराशि खर्च होने के बाद कुम्भकर्णनीय नींद में सोता रहा फारेस्ट विभाग अचानक जागा और जमीन पर अपना कब्जा बताने लगा।

बाधमंडी प्रोजेक्ट का उद्घाटन करते सांसद वरुण गांधी
बाधमंडी प्रोजेक्ट का उद्घाटन करते सांसद वरुण गांधी

सुल्तानपुर: यूपी के सुल्तानपुर ज़िले में निषाद समाज की हालत दयनीय थी, यहां के बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने कुछ माह पूर्व इस समाज के लिए लाखों रुपए के बाधमंडी के प्रोजेक्ट का इनाग्रेशन कर इन्हें दयनीय हालत से उबरने का मौका दिया। लेकिन अब इस प्रोजेक्ट  पर फारेस्ट विभाग रोड़ा बन रहा है। इस बात से समाज के लोग आक्रोशित हैं, समाज के लोगों ने मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए 11 जुलाई को प्रदर्शन करने की बात कही है।

 

26 दिसम्बर किया था इनाग्रेशन

शहर के पांचोपीरन इलाके में 26 दिसंबर 2016 को बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने 46 लाख 22 हज़ार रुपये की लागत से बनने वाले बाधमंडी स्थल का इनाग्रेशन किया था। इतना ही नहीं 12 सितम्बर 2016 को तत्कालीन डीएम एस राज लिंगम ने समारोह पूर्वक इसका शिलान्यास किया था और 20 दिसम्बर 2016 को तत्कालीन सुल्तानपुर विधायक अनूप संडा द्वारा किये गए आयोजन में राज्यसभा सदस्य विशम्भर प्रसाद निषाद द्वारा बाधमंडी का लोकार्पण के साथ-साथ अपनी निधि से पांच लाख रुपये दिए जाने का ऐलान भी किया था।

ज़मीन पर वन विभाग का दावा

उद्घाटन समारोह समेत कई औपचारिकताएँ होने के बाद बाधमंडी निर्माण कार्य पूरा हो जाने और बाध गोदाम का भी निर्माण कार्य लगभग पूर्ण होने के कगार पर है। उक्त धनराशि का अधिकांश भाग बाधमंडी निर्माण कार्य में खर्च भी हो चुका है। इतना सब होने होने के बाद  कुम्भकर्णनीय नींद में सोता रहा फारेस्ट विभाग अचानक जागा और जमीन को अपनी बताकर निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न कर रहा है। जिससे निषाद समाज आक्रोशित हो उठा है।

 

वोट बैंक भी है बड़ा मुद्दा

इस बाबत शिक्षक श्यामलाल निषाद ''गुरूजी'' का कहना है कि बेहद गरीब परिवारों की रोजी-रोटी से जुड़े व्यवसाय बाधमंडी के मुद्दे ने दर्जनों सांसद और विधायक बनाने के साथ-साथ कई छुट भइयों का भी मान-सम्मान बढ़ाया। लेकिन अब बाधमंडी में रुकावट डालकर भोले-भाले समाज का भविष्य में वोट लेने के मुद्दे को जिन्दा रखने की दुर्भावना से कार्य किया जा रहा है। अवरोध का कारण जो भी हो उसे शीघ्र ही बेनकाब किया जाएगा और  बाधमंडी के निर्माण का अधूरा कार्य पूरा कराने के लिए हम लोग कटिबद्ध हैं। वहीं श्री निषाद ने 11 जुलाई 2017 को बाधमंडी में अवरोध समाप्त कराने के लिए डेढ़ बजे दिन में डीएम से मिलकर उनसे समस्या के निदान करने हेतु समाज के लोगों को जमा होने की बात कही है।

 

एसडीएम बोले, विकास कार्य में नहीं आने देंगे रुकावट

इस संदर्भ में एसडीएम सदर प्रमोद पाण्डेय का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है। न ही अब तक उनसे इस सम्बन्ध में किसी ने कोई शिकायत की  है। अगर ऐसा हो रहा है और विकास कार्य में रुकावट आ रही है तो निश्चित तौर पर जांच कराकर उसे दूर किया जाएगा।

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