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देवरिया के जिला पंचायत परिसर में आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर भाजपा नेता कलराज मिश्र ने फीता काट कर शुभारम्भ किया। दरअसल 24 जनवरी को ही उत्तर प्रदेश का नाम उत्तर प्रदेश रखा गया था। हम इस आर्टिकल में आपको उत्तर प्रदेश के इतिहास के बारे में भी बताएंगे।
देवरियाः देवरिया के जिला पंचायत परिसर में आयोजित उत्तर प्रदेश नामकरण दिवस के अवसर पर भाजपा नेता व देवरिया से सांसद कलराज मिश्र ने फीता काट कर शुभारम्भ किया। इस मौके पर यहां भव्य मेले का भी आयोजन किया गया। यह आयोजन राज्यपाल राम नाईक के सुझाव पर किया गया। यह आयोजन पूरे राज्य में कई जगहों पर भी किया जा रहा है।
कार्यक्रम में कई शानदार प्रस्तुतियों के साथ-साथ नृत्य-गायन का भी आयोजन किया गया। सास्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत राज्य मंत्री ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर राज्य मंत्री जय प्रकाश निषाद भी मौजूद रहे।
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24 जनवरी 1950 को हुआ था नामकरण
बता दें 24 जनवरी 1950 के दिन ही उत्तर प्रदेश का नाम उत्तर प्रदेश पड़ा था। प्रदेश को पहले ‘उत्तर प्रदेश युनाइटेड प्रॉविंस’ के नाम से जाना जाता था। उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा (जनसंख्या के आधार पर) राज्य है। लखनऊ प्रदेश की प्रशासनिक व विधायिक राजधानी है और इलाहाबाद न्यायिक राजधानी है।
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी को दुनिया का सबसे प्राचीन शहर कहा जाता है तो वहीं गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश भी उत्तर प्रदेश में ही दिया था। उत्तर प्रदेश को भगवान कृष्ण और भगवान राम की भी जन्मस्थली मानी जाती है।
Published : 24 January 2018, 2:44 PM IST
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