राष्ट्रपति ने सरदार पटेल की प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकार को टैगोर अवार्ड से किया सम्मानित

डीएन ब्यूरो

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकार रामसुतार समेत तीन को टैगोर अवार्ड से सम्मानित किया। डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट...

टैगोर अवार्ड से सम्मानित होते मूर्तिकार
टैगोर अवार्ड से सम्मानित होते मूर्तिकार

नई दिल्ली: राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सोमवार को यहां गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा बनाने वाले पद्मभूषण से सम्मानित वयोवृद्ध मूर्तिकार राम सुतार, मणिपुरी नृत्य के गुरु राजकुमार सिंघनजीत सिंह और बंगलादेश की प्रसिद्ध सांस्कृतिक संस्था 'छायानट' को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए टैगोर अवार्ड से सम्मानित किया।

कोविंद ने प्रवासी भारतीय केंद्र के सभागार में इन कलाकारों को यह सम्मान प्रदान किया। छायानट की ओर से उसकी अध्यक्ष संजिदा खातून ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में कोविंद ने इन कलाकारों को सम्मान में एक-एक करोड़ रुपये, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान किये।

 

महाराष्ट्र के धुले जिले में 1925 में जन्मे राम सुतार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद और जगजीवन राम की प्रतिमा का निर्माण किया है। वह पिछले दिनों सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाने के कारण सुर्खियों में रहे। ये पुरस्कार 2014-2015 और 2018 के लिए दिये गये हैं। टैगोर अवार्ड की स्थापना गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती के मौके पर की गयी थी। पहला टैगोर पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित विश्व प्रसिद्ध सितारवादक रविशंकर को दिया गया था जबकि 2013 में विश्व प्रसिद्ध वॉयलिन वादक जुबिन मेहता को दिया गया था।(वार्ता)

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