Navratri Hawan 2025: नवरात्रि के इस दिन जरूर करें हवन, यहां जानें शुभ मुहूर्त और सामग्री लिस्ट
चैत्र नवरात्रि का आज सातवां दिन है। कई लोग नवरात्रि के दौरान घर और ऑफिस में हवन कराते हैं। यदि आप भी हवन कराने का सोच रहे हैं तो जान लीजिए हवन की शुभ तारीख और मुहूर्त क्या है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

नई दिल्लीः हिंदू धर्म में हवन का महत्व काफी अधिक है, क्योंकि इसको लेकर कहा जाता है कि हवन करने से देवी-देवता शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। नवरात्रि में ज्यादातर लोग हवन कराते हैं ताकि घर में खुशहाली बनी रहे और सारे कष्ट दूर हो जाए।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, नवरात्रि में हवन का महत्व और भी खास हो जाता है। नवरात्रि में हवन करने से देवी-देवता अपनी विशेष कृपा दृष्टि बरसाते हैं। वैसे तो आप नवरात्रि में किसी भी दिन हवन करा सकते हैं, सभी शुभ है।
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लेकिन नवरात्रि में अष्टमी और नवमीं में हवन करना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। आइए फिर आपको बताते हैं कि अष्टमी-नवमी में हवना का शुभ मुहूर्त क्या है और इस दौरान आपको किन गलतियों से बचना चाहिए।
नवरात्रि में हवन कराने का शुभ मुहूर्त
इस वर्ष की चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और नवमी 5 व 6 अप्रैल को मनाई जाएगी। जिसमें हम लोग कन्या पूजन करते हैं। नवरात्रि की अष्टमी 5 अप्रैल और नवमी 6 अप्रैल को है।
अष्टमी हवन का शुभ मुहूर्तः नवरात्रि में अष्टमी के दिन हवन का शुभ मुहूर्त 5 अप्रैल की सुबह 11 बजकर 59 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
नवमी हवन का शुभ मुहूर्तः नवरात्रि में नवमीं के दिन हवन का शुभ मुहूर्त 6 अप्रैल 2025 की सुबह 11 बजकर 58 मिनट से दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
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हवन सामग्री
नवरात्रि में हवन कराने के लिए आपको हवन सामग्री की जरूरत होगी। ऐसे में आप हवन कुंड, हवन सामग्री, चावल, आम या केले के पत्ते, गुग्गल, लोबान, शहद, रोली चंदन, पान के पत्ते, 5 प्रकार के फल, मिठाई, शुद्ध घी, सुपारी, कपूर, लौंग, अगरबत्ती, लाल कलावा, चरणामृत, गंगाजल, लाल कपड़ा, फूलों की माला, आम की लकड़ी और सूखा नारियल लेना होगा।
हवन के दौरान ना करें ये गलती
1. हवन में आहुति देने से पहले अनामिका उंगली (Ring Finger) में आम का पत्ता या कुशा से बनी अंगूठी जरूर पहनें।
2. हवन सामग्री को कांस, पीतल या चांदी के ही थाली में रखें, किसी अन्य थाली में भूलकर भी ना करें।
3. हवन के बीच से खड़े ना हो यह उसका एक तरह से अनादर होता है।
4. हवन सामग्री में गलती से भी सफेद तिल ना डाले।
5. हवन के दौरान पैरों से आसन को ना हिलाएं, आसन को हमेशा हाथ के सहारे से हिलाएं।
6. हवन समाप्त होने के बाद आसपास बिखरी हुई हवन सामग्री को अग्नि में ना डालें।