Naveen Jindal: नवीन जिंदल न्यूक्लियर देश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में करेगा ये बड़ा काम
नवीन जिंदल समूह की इकाई जिंदल न्यूक्लियर अगले दो दशक में परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता के लिये बड़ी योजना तैयार की है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

नयी दिल्ली: नवीन जिंदल समूह की इकाई जिंदल न्यूक्लियर अगले दो दशक में देश में 18 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता तैयार करने के लिए लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार कंपनी ने बयान में कहा कि यह रणनीतिक पहल भारत सरकार के 2025-26 के बजट में की गयी घोषणा के अनुरूप है।
बजट में 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा गया है, जो कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय रूप से कमी लाएगा और कम उत्सर्जन वाले विनिर्माण को बढ़ाएगा।
कंपनी के एक सूत्र ने कहा कि कंपनी की परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए लगभग 1.80 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की योजना है। परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए जगह के बारे में निर्णय बाद में किया जाएगा।
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योजना के तहत, जिंदल न्यूक्लियर परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण करने के साथ उसका संचालन करेगी। ये संयंत्र अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी पर आधारित होंगे जो विश्वस्तरीय सुरक्षा, परिचालन दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करेंगे।
बयान के अनुसार, जिंदल रिन्यूएबल्स की पूर्ण अनुषंगी जिंदल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लि. (जिंदल न्यूक्लियर) ने भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता में 18 गीगावाट क्षमता जोड़ने की एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है।
इसमें कहा गया है कि जिंदल न्यूक्लियर निजी क्षेत्र में पहली कंपनी है जिसने परमाणु ऊर्जा में निवेश करने में रुचि व्यक्त की है। इसका मकसद कम कार्बन उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था में भारत के बढ़ते कदम को तेज करने के साथ भरोसेमंद, चौबीस घंटे कार्बन मुक्त ऊर्जा प्रदान करना है।
18 गीगावाट का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम अगले दो दशक में विकसित किया जाएगा। इसमें भारत स्मॉल रिएक्टर (बीएसआर), छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर), और जनरल-IV रिएक्टर सहित उन्नत प्रौद्योगिकियों का एक विविध मिश्रण शामिल होगा।
जिंदल न्यूक्लियर का लक्ष्य वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ गठजोड़ करना, विश्वस्तरीय सुरक्षा मानकों और परिचालन उत्कृष्टता को बनाए रखते हुए नवोन्मेष को बढ़ावा देना है।
कंपनी ने कहा कि इस पहल से निर्माण, परिचालन और संबंधित क्षेत्रों में हजारों नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। इससे कुल मिलाकर देश की आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।