MRJ Exclusive: बेसहारा बच्चों के लिए अनौखी पहल, शिक्षा की जगा रहे अलख

महराजगंज जनपद में राष्ट्रीय सैनिक छात्र सेवा परिषद ने एक अनूठी पहल की है। संस्था अध्यक्ष अंकित शुक्ला ने कूड़ा बीनने वाले एवं भीख मांगकर गुजर बसर करने वाले नौनिहालों के जिंदगी का रिश्ता कापी-पेन से जोड़ने की शुरूआत कर दी है। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट

Updated : 5 September 2024, 2:19 PM IST
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महराजगंजः केवल महराजगंज (Maharajganj) जनपद ही नहीं अपितु लखनऊ (Lucknow), गोरखपुर (Gorakhpur), बस्ती (Basti), देवीपाटन (Devipatan) आदि मंडलों से लेकर राजधानी में अपनी अमिट पहचान बनाने वाले अंकित शुक्ला ने एक अनूठी पहल की है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार गरीब बच्चों (Poor Childrens) के पालनहार बनकर अंकित (Ankit) ने उनके हाथों में पेंसिल, कापी, किताब (Books) थमाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। जिन बच्चों की आंखों में स्कूल (School) जाने के सपने तो थे किंतु आर्थिक अभाव आड़े आता था, उनके सपने (Dream) आज साकार रूप ले रहे हैं।

कंधे पर स्कूल बैग लेकर जब गर्व से यह बच्चे अपने शिक्षक अंकित के पास पहुंचते हैं तो अंकित के चेहरे पर खुशी के भाव दोगुने हो जाते हैं। महज 22 वर्षीय अंकित इनके भविष्य को संवारने के लिए पूरे मनोयोग से जुटे हैं। 

ऐसे हुई शुरूआत 

अंकित शुक्ला ने डाइनामाइट न्यूज संवाददाता से हुई बातचीत में बताया कि पहले मैंने आर्थिक मदद की किंतु बच्चों के व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं दिखा। तब मैंने सोचा कि रोटी देने से बेहतर है इन्हें जीवन पर्यन्त रोजी के हुनर से जोड दूं। फिर मैंने राष्ट्रीय सैनिक छात्र सेवा परिषद का गठन किया। इसके माध्यम से मैंने व मेरी संस्था की टीम ने मिलकर उन्हें पढ़ाना शुरू किया। कुछ दिन तक को बच्चों में रूचि नहीं दिखाई दी किंतु लगातार प्रयास के बाद मेहनत रंग लाने लगी। वर्ष 2023 से यह पहल आज देश के 12 केंद्रों तक पहुंच गई है। 

जानें आंकड़े

आंकड़े के मुताबिक भिखारियों के मामले में पश्चिम बंगाल 81 हजार भिखारी के साथ पहले पायदान पर है। अगर पूरे देश की बात की जाए तो यह संख्या 4,13,000 के करीब हैं, जिसमें 2,21,673 पुरुष और 1,91,997 महिलाएं हैं।

बोले राष्ट्रीय महासचिव 

राष्ट्रीय महासचिव भावनी प्रसाद शुक्ला के मुताबिक, कुटुंब व फेसबुक में हमारी संस्था के 50 हजारों से अधिक सदस्य हैं। वह  अपने-अपने इलाके में संस्था का संदेश जमीनी स्तर तक पहुंचा रहे हैं। कई बार हमें भी अन्य राज्यों में पढ़ाने के लिए न्योता आता है लेकिन हम जनपदों के ही केंद्रों को लेकर व्यस्त रहते हैं और इसीलिए हम अन्य केंद्रों पर नहीं जा सकते। फिलहाल संस्था के सदस्य बिहार, यूपी, हरियाणा में भीख मांगने वाले बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं।

पीएम ने की तारीफ़ 

कई हजार से अधिक बच्चों को मुफ्त शिक्षा, सरकारी स्कूल में दाखिला, भोजन, अस्पताल में इलाज आदि में सहयोग कर रही है। अंकित समाज के दबे कुचले तबके को मुख्यधारा में लाने वाले कार्य करते है। अंकित शुक्ला की तारीफ प्रधानमंत्री ने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में तारीफ भी की थी।

बच्चे 

मुख्य उद्देश्य 

संस्था के अध्यक्ष अंकित शुक्ला कहते हैं, "हमारा मुख्य उद्देश्य है बच्चों को भीख मांने से रोकना और उन्हें शिक्षित कर स्कूल तक पहुंचाना है। कई बच्चों में नशे की लत होती है उन बच्चों को नशे की लत से बाहर लाना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में उन्हें हम मेडिकल सुविधा दिलाते हैं और उनकी काउंसलिंग कर उन्हें नशे के नकारात्मक प्रभावों के बारे में बताते हैं और नशे को छोड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

Published : 
  • 5 September 2024, 2:19 PM IST

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