लखनऊ: गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीज के इलाज में आयुष पद्धति को किया जायेगा शामिल

डीएन संवाददाता

यूपी सरकार कैंसर, डायबिटीज जैसे गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीजों के इलाज में आयुष पद्धति को भी शामिल करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए योगी सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है जिसमें आयुष विभाग के अधिकारी समेत कई नामी चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए।


लखनऊ: डायबिटीज व कैंसर रोगियों की तेजी से बढ़ती तादाद को देखते हुए योगी सरकार यूपी के आयुष मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इसकी रोकथाम और इलाज के लिए योग और नेचुरोपैथी को शामिल करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए यूपी आयुष विभाग की ओर से एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें आयुष विभाग के अधिकारी समेत डॉ. एस आर नागेंद्र, कुलपति स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान विश्वविद्यालय बेंगलुरू, प्रोफेसर सी एल क्षेत्रपाल सेंटर ऑफ बायो मेडिकल जैसे नामी चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए।

शुक्रवार को एनेक्सी के मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता में डॉ एस आर नागेंद्र ने बताया कि आयुष से संबंधित सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में डायबिटीज और कैंसर के मरीजों का डेटाबेस तैयार कराया जाएगा। जिसमें रोगियों की केस हिस्ट्री का विश्लेषण किया जाएगा और उन मरीजों का इलाज आयुष पद्धति को शामिल करते हुए किया जाएगा। यह योजना अभी यूपी के कुछ जिलों में ही लागू की जाएगी। जबकि बाद में इसे यूपी के सभी जिलों में लागू करने की योजना है।

गौरतलब है कि दुनिया में डायबिटीज के मरीजों की तादाद चाइना के बाद सबसे ज्यादा भारत में है और यह लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में इसे कंट्रोल करने के लिए योगी सरकार एलोपैथी के साथ-साथ आयुष पद्धति को भी इलाज प्रक्रिया में शामिल करने की तैयारी में है। सरकार को उम्मीद है कि इस के अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
 

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