कानपुर एनकाउंटर में बड़ा खुलासा: यूपी एसटीएफ ने जब गिरफ्तार किया तो मिली थी सेमी ऑटोमेटिक राइफल, कैसे वापस पहुंची विकास दूबे के पास?

सुभाष रतूड़ी

बीती रात कानपुर में हुए एनकाउंटर को लेकर अभी कई रहस्यों से पर्दा उठना बाकी है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के पास आटोमेटिक राइफल फिर वापस कैसे पहुंची? डाइनामाइट न्यूज़ एक्सक्लूसिव:

अपराधी विकास दूबे
अपराधी विकास दूबे

लखनऊ: कानपुर में बीती रात यूपी पुलिस के 8 कर्मियों की हत्या को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। मामले की जांच आगे बढने के साथ ही इस दिल दहलाने वाले एनकाउंटर से जुड़े कई रहस्यों से पर्दा जरूर उठेगा, लेकिन इसके बावजूद भी कुछ सवाल ऐसे है, जिनका जबाव देना पुलिस और पूरे सिस्टम को भारी पड़ सकते हैं।  

पूरे राज्य में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ बहुत पहले से ही 60 से अधिक आपराधिक मुकदमें दर्ज थे। अलग अलग अपराधों में वांछित होने के कारण 31 अक्टूबर 2017 को यूपी एसटीएफ की टीम ने इस कुख्यात बदमाश को गिरफ्तार भी कर लिया था। गिरफ्तारी के वक्त इस बदमाश के पास से एक ऑटोमेटिक राइफल बरामद की गयी थी। अंदर की खबर ये है कि बरामदगी के बाद न्यायिक झोल में ये आटोमेटिक राइफल इसने वापस प्राप्त कर ली और इसका प्रयोग वारदात में किया गया है। सवाल ये है कि आखिर दोबारा यह राइफल इस अपराधी के पास पहुंचा कैसे? 

बीती रात हुए एककाउंटर के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठाया जा रहा है कि यूपी एसटीएफ द्वारा इस कुख्यात बदमाश के कब्जे से गिरफ्तारी के वक्त बरामद की गयी .30 बोर स्प्रिंग फील्ड रायफल जैसे आधुनिक हथियार आखिर फिर कैसे विकास दुबे के पास पहुंची? 

बीती रात बदमाशों ने जिस तरह से पुलिस कर्मियों पर गोली बरसाई, उससे संकेत मिल रहे हैं कि इस घटना में बदमाशों द्वारा आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। ऐसे में यह सवाल बेहद अहम है कि आखिर इस हिस्ट्रीशीटर और उसकी टीम के बदमाशों के पास ये हथियार पहुंचे कैसे।

इस अपराधी द्वारा अब तक एक भाजपा के नेता समेत अन्य कुछ लोगों की हत्या की घटना को अंजाम दिया जा चुका है। कुख्यात विकास दुबे के खिलाफ पूरे यूपी में 60 से अधिक संगीन मुकदमे पंजीकृत हैं, जिसमें सबसे ज्यादा अपराध कानपुर देहात और कानपुर नगर से जुड़े हुए है। इसके अलावा वह लखनऊ और सहारनपुर में भी उसके खिलाफ अपराध दर्ज है। 













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