गणेश चतुर्थी पर दिल्ली के प्राचीन गणेश मंदिर में नये रूप में विराजेंगे विघ्नहर्ता, पूजन-स्वागत की जोरदार तैयारियां

डीएन ब्यूरो

गणेश चतुर्थी को लेकर न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि दिल्ली में भी खास तैयारियां की जा रही है। दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस के प्राचीन गणेश मंदिर में गणेशोत्सव की जोरदार तैयारियां तल रही है। डाइनामाइट न्यूज़ की टीम ने गणपति का पूजन की तैयारियों का जायजा लिया। पढ़ें, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

मंदिर में उमड़ने लगी गणेश भक्तों की भीड़ (फाइल फोटो)
मंदिर में उमड़ने लगी गणेश भक्तों की भीड़ (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः गणेश चतुर्थी का त्यौहार 13 सितंबर को यानी वीरवार को है। महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि देश की राजधानी दिल्ली में भी गणपति बप्पा के स्वागत के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी है। अब भक्तों को केवल अपने घरों में गणपति के विराजमान होने का इंतजार है।

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दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में स्थित गणेश मंदिर में व्यापक तैयारियां की गयी है। इस पौराणिक मंदिर में गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। यह मंदिर न सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व में विख्यात है। इसलिये यहां देश-विदेश के आये गणेश भक्तों का हमेशा हुजूम उमड़ा रहता है। गणेशोत्सव पर तो श्रद्धालुओं की संक्या सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना बढ़ जाती है। 

गणोश चतुर्थी के मौके पर डाइनामाइट न्यूज़ की टीम कनॉट प्लेस के इस भव्य मंदिर में पहुंची। मंदिर के पुजारी लोकश जी ने बताया कि 13 सितंबर यहां गणपति बप्पा का भव्य स्वागत किया जायेगा। उन्होंने इस मंदिर की खासियतों और गणेशोत्सव की तैयारियों को लेकर डाइनामाइट न्यूज़ से कई बातें भी साझा की। उन्होंने बताया कि-

1. कनॉट प्लेस का प्राचीन गणेश मंदिर न सिर्फ भक्ति का एक केंद्र है, बल्कि यहां देश-विदेश से गणपति के भक्त हर कामने के लिये हमेशा दर्शन के लिए आते रहते है।   

2. इस बार भी गणेश चतुर्थी को लेकर यहां गणपति पूजन के लिए विधि-विधान से तैयारियां की गई है। कल सुबह यानी 13 सितंबर को सुबह 5 बजे भगवाण गणेश का हवन किया जाएगा। उसके बाद 6 बजे से अभिषेक किया जाएगा। 

3. इस प्राचीन गणेश मंदिर में गणेश पूजन चार दिन पहले से ही किया जा रहा है। रविवार से अमावश तक पूजन किया जा रहा है। अमावश के दिन से ही गणपति पूजन की शुरुआत 10 हजार आहुतियों के साथ की जाती है। 

4. इन चार दिनों में हवन के साथ गौ पूजन भी किया जाता है। भगवान गणेश के 1008 नामों का जाप किया जाता है। इसके बाद 21 सौ हजार कल्पना की जाती है।
गणेश चतुर्थी के दिन सुबह 5 बजे हवन पूजन कर, 6 बजे महाभिषेक व 8: 30 बजे महामंगल आरती की जाएगी। सुबह 9 बजे से 12 बजे तक भक्तगण यहां पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

5. शाम को चार बजे भगवान गणेश का चंदन श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद शाम 6 बजे कनॉट प्लेस में घूमकर भगवान गणेश की पालकी निकाली जाएगी। इसके बाद रात को 9 बजे तक गणेश पूजन किया जाएगा।
  

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