अब घर बैठे करें बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम की पूजा, जानें ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया
चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पहले ही शुरू हो चुका है और अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

देहरादून: उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से शुरू हो रही है। अगर आप किसी कारण से यात्रा पर नहीं जा पा रहे हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं है। अब आप घर बैठे बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम की पूजा का पुण्य कमा सकते हैं। बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पूजा की सुविधा शुरू कर दी है।
चारधाम यात्रा कार्यक्रम
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- गंगोत्री और यमुनोत्री धाम: के कपाट 30 अप्रैल को खुलेंगे।
- केदारनाथ धाम: के कपाट 2 मई को खुलेंगे।
- बद्रीनाथ धाम: के कपाट 4 मई को खुलेंगे।
- ऑनलाइन पूजा सुविधा और बुकिंग प्रक्रिया
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो चुका है और अब तक 10 लाख से ज़्यादा श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं। वहीं, बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम में ऑनलाइन पूजा बुकिंग सुविधा 10 अप्रैल से शुरू होगी।
जो श्रद्धालु घर बैठे केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में अपने नाम से पूजा करवाना चाहते हैं, वे बद्री-केदार मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट ([badrinath-kedarnath.gov.in](https://badrinath-kedarnath.gov.in)) पर जाकर बुकिंग करा सकते हैं। ऑनलाइन पूजा करने वाले भक्तों के नाम पर न केवल पूजा की जाती है, बल्कि उनके पते पर प्रसाद भी भेजा जाता है।
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ऑनलाइन कैसे करें बुकिंग?
बद्री-केदार मंदिर समिति के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल के अनुसार, श्रद्धालुओं को ऑनलाइन बुकिंग के दौरान अपना नाम, गोत्र और परिवार के सदस्यों की संख्या जैसी जरूरी जानकारी देनी होगी। साथ ही, वे यह भी तय कर सकते हैं कि वे कितने वर्षों के लिए पूजा बुक करना चाहते हैं। कपाट खुलने के बाद जब धामों में पूजा की जाती है, तो श्रद्धालु का नाम लिया जाता है और उसके नाम से विधिवत पूजा की जाती है।यह ऑनलाइन पूजा सेवा खास तौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी है, जो किसी कारण से यात्रा करने में असमर्थ हैं। अब वे घर बैठे इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।