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नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दुर्लभ प्रजाति के कछुओं की तस्करी कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मोहम्मद फरमान और शिवम भंडारी के रूप में हुई है।
डाइनामाइट न्यूज़ के संवाददाता के अनुसार, इन कछुओं में 50 इंडियन रूफ्ड टर्टल और 15 स्पॉटेड पॉन्ड टर्टल शामिल है। बता दें कि ये दोनों प्रजातियां वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 की अनुसूची-1 में शामिल हैं। इसका अर्थ है कि इनका शिकार, व्यापार और परिवहन पूरी तरह से गैरकानूनी है।
सीबीआई ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों मोहम्मद फरमान और शिवम भंडारी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 51, 39, 44, 48A, 49 और 49B के तहत मामला दर्ज किया है।
दिल्ली के चिड़ियाघर को सौंपे गए सभी कछुए
आरोपियों से जब्त किए गए सभी कछुए जीवित थे, इसलिए उन्हें सुरक्षित संरक्षण के लिए दिल्ली चिड़ियाघर भेज दिया गया है। यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ये दोनों प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं और इनकी तस्करी तेजी से बढ़ रही है।
क्यों है वन्यजीव तस्करी पर सख्ती जरूरी ?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में वन्यजीव तस्करी एक गंभीर अपराध है। इस दौरान उन्हें विदेशी बाजारों में बेचकर पारंपरिक दवाओं, मांस और पालतू जानवरों के रूप में किया जाता है। खासकर चीन, थाईलैंड और म्यांमार जैसे देशों में इनकी बड़ी मांग है।
Published : 25 March 2025, 12:45 PM IST
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