बलरामपुर: गेहूं खरीद में भ्रष्टाचार, डीएम ने 22 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के दिये आदेश

डीएन संवाददाता

जब जिम्मेदार लोग ही सरकारी योजनाओं को पलीता लगाने लगे तो किसी भी सरकारी योजना का लाभ लाभार्थियों को मिल पाना टेडी खीर ही साबित होगा। ऐसा ही एक मामला जिले में उजागर हुआ है, जहां गरीबों और किसानों का हक मारकर सरकारी गेंहू खरीद में भारी अनियमितता बरती गयी। डाइनामाइट न्यूज की एक्सक्लूसिव न्यूज़


बलरामपुर: जिलाधिकारी कृष्णा करूणेश के निर्देश पर एडीएम अरूण कुमार शुक्ल ने जिले के रेहराबाजार थाना क्षेत्र में पीसीएफ एंजेसियों द्वारा संचालित गेंहूं क्रय केन्द्र रेहरा बाजार व रामपुर अरना की जांच में भारी अनियमितताएं पायी। यह दोनों केन्द्र उतरौला क्रय-विक्रय सहकारी समिति द्वारा संचालित किये जा रहे हैं। एडीएम की जांच में लाखों रूपए का लाभ बिचौलियों को पहुंचाने का मामला सामने आया है। इस मामले में 22 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया गया है।

सर्मथन मूल्य से कम दाम पर गेहूं खरीद

एडीएम अरूण कुमार ने जिलाधिकारी को सौंपी गई रिर्पोट में उल्लेख किया है इन दोनों क्रय केन्द्रों पर गलत तरीके से गेंहू बेचा गया है। कई ऐसे किसान भी है, जिनसे अलग-अलग तिथियों में गेंहू खरीद कर उन्हें भुगतान कर दिया गया है। इस तरह से हुए गेंहू खरीद से यह स्पष्ट है कि बिचौलियों ने क्षेत्र के किसानों से सर्मथन मूल्य से कम दाम पर गेहूं खरीद कर क्रय केन्द्रों पर बेचा है। केन्द्र के सचिव अजय कुमार जायसवाल व सभापति कौशल कुमार ने अवैध लाभ लेकर बिचैलियों की सक्रिय मदद की है।

विक्रय केन्द्र के सभापति ने बेचा सबसे ज्यादा गेहूं 

रिपोर्ट के मुताबिक उतरौला क्रय विक्रय केन्द्र के सभापति कौशल दास ने ही सबसे अधिक गेहूं रेहरा बाजार व रामपुर अरना क्रय केन्द्रों पर बेचा। कौशल दास ने 3617.6 कुन्तल गेंहू बेचा जिसके लिए केन्द्र उनको 63 लाख 12 हजार 729 रूपए में से 36,08,596 रूपए का भुगतान कर चुकी है। जिले की भौगोलिक स्थिति के अनुसार यहां अधिकतम 3 कुन्तल प्रति बीघे की पैदावार होती है। जिसके हिसाब से कौशल दास ने लगभग 1205 बीघे जमीन में पैदा हुआ गेहूं क्रय केन्द्रों पर बेचा।

बेचे गए गेहूं के मूल्य का नहीं हो रहा मिलान 

जांच में किसानों को उनके द्वारा बेचे गए गेहूं का मूल्य नहीं मिल पा रहा है। गेहूं से अधिक का भुगतान सचिव अजय कुमार जायसवाल व सभापति कौशल दास के हस्ताक्षर से चेक के माध्यम से कर दिया गया है। किसान प्रवेश कुमार पुत्र राम पाल ने 49 लाख 40 हजार 95 रूपए का गेहूं बेचा जिसके लिए उसे 55 लाख 78 हजार 295 रूपए का भुगतान किया गया। वहीं किसान ओम प्रकाश पुत्र राम नारायण ने 1 लाख 8 हजार 990 रूपए का गेंहू बेचा था जिसके लिए उसे 1 लाख 93 हजार 695 रूपए का भुगतान किया गया। 

सभी क्रय केन्द्रों की होगी जांच, दोषियों के खिलाफ कार्यवाही 

एडीएम अरूण कुमार शुक्ल ने बताया कि जांच के दौरान गेहूं क्रय केन्द्र पर भारी अनियमितताएं पाई गई है। जिसकी रिर्पोट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। केन्द्र के सचिव व सभापति सहित 22 लोगों के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश दिया गया  है। अब सभी क्रय केन्द्रों की बारीकी से जांच कराई जाएगी व दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
 

(डाइनामाइट न्यूज़ के ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)






संबंधित समाचार