हिंद महासागर में बढ़ी समुद्री लुटेरों की गतिविधियां, हर खतरे का सामना करने के लिए हम तैयार: नौसेना प्रमुख

डीएन ब्यूरो

नौसेना प्रमुख एडमिरल कर्मबीर सिंह ने आज बताया कि नौसेना ने हाल ही में भारत के जलक्षेत्र में आये चीन के एक नौसैनिक पोत को खदेड़ा था और चीन को साफ शब्दों में बता दिया गया है कि उसके नौसैनिक पोत बिना अनुमति के भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र में नहीं आ सकते।

फाइल फोटो
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नई दिल्ली: नौसेना प्रमुख एडमिरल कर्मबीर सिंह ने आज बताया कि नौसेना ने हाल ही में भारत के जलक्षेत्र में आये चीन के एक नौसैनिक पोत को खदेड़ा था और चीन को साफ शब्दों में बता दिया गया है कि उसके नौसैनिक पोत बिना अनुमति के भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र में नहीं आ सकते। एडमिरल कर्मबीर सिंह ने नौसेना दिवस से एक दिन पहले मंगलवार को यहां वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में नौसेना के निरंतर कम होते बजट पर चिंता तो व्यक्त की लेकिन साथ ही कहा कि वह सीमित संसाधनों में संतुलन बनाने की पूरी कोशिश कर रही है जिससे कि नौसेना की क्षमता तथा देश के हितों के साथ कोई समझौता नहीं हो।

नौसेना की विमानवाहक पोत की जरूरत के बारे में स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा नौसेना प्रमुख के नाते उनका मानना है कि भारत को तीन विमानवाहक पोतों की जरूरत है जिससे कि दो विमानवाहक पोत हर समय अभियानों तथा तैनाती के लिए तैयार रहें। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नौसेना हिन्द महासागर तथा दक्षिण चीन सागर में चीन तथा पाकिस्तान की नौसेनाओं की गतिविधियों पर पूरी तरह नजर रखे हुए है और वह हर तरह की स्थिति का सामना करने के लिए हमेशा तैयार है। चीन नौसैनिक पोत की भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र में मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उस पोत को खदेड़ दिया गया था और हमारा स्पष्ट रूख है कि भारत से पूछे बिना उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र में किसी को आने की अनुमति नहीं होगी।  

उन्होंने कहा कि हिन्द महासागर में चीन के 7 से 8 नौसैनिक पोत मौजूद रहते हैं जिनका उद्देश्य अलग अलग होता है। इनमें से कुछ समुद्री डकैतों के खिलाफ अभियान में तैनात रहते हैं तो कुछ जल संबंधी अध्यन और अन्य समुद्री सर्वेक्षण के लिए रहते हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दक्षिण चीन सागर में चीनी नौसेना की गतिविधियां बदस्तूर जारी हैं लेकिन भारत उसकी गतिविधियों पर निरंतर नजर बनाये रहता है। (वार्ता)

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