वाराणसी पहुंचा विश्व का पहला मोबाइल हॉस्पिटल, इन तारीखों में होगा सभी तरह के रोगों का उपचार

डीएन संवाददाता

यूपी सरकार और इंपैक्ट इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से संचालित विश्व का पहला चलता फिरता अस्पताल वाराणसी पहुंच गया। इसमें सभी तरह के रोगों का इलाज संभव है। डाइनामाइट न्यूज की इस स्पेशल रिपोर्ट में जाने किस तारीख को किस रोग का होगा इलाज..


वाराणसी: यूपी सरकार और इंपैक्ट इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से संचालित विश्व का पहला चलता फिरता अस्पताल वाराणसी पहुंच गया है। 7 डिब्बे वाले इस लाइफ लाइन एक्सप्रेस अस्पताल में लोगों को चिकित्सा की सभी सुविधाओं मिलेंगी। मोबाइल हॉस्पिटल से यहां के लोगों में काफी खुशी का माहौल है। 

इस मोबाइल हॉस्पिटल में सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज संभव है। जहां पर लोग अलग-अलग तारीख में इलाज करा सकेंगे। यहां आंखों का इलाज (23 से 27 अगस्त), कान के रोगियों का परीक्षण (28 से 30 अगस्त), ऑपरेशन (29 से 2 सितंबर), कटे-फटे होंठ, जले का परीक्षण व उपचार (2 से 3 सितंबर, ऑपरेशन 4 से 5 सितंबर ) छोटे बच्चों का टेढ़े-मेढ़े पैरों का ऑपरेशन, स्त्रियों की सर्वाइकल व ब्रेस्ट कैंसर की जांच, मिर्गी रोगियों का परीक्षण व उपचार, मुख का कैंसर दांतों का उपचार यहां वरिष्ठ डॉक्टरों द्वारा किया जायेगा।

19 अगस्त से लेकर 8 सितंबर तक यह लाइफ लाइन एक्सप्रेस यहां के मरीजों का निशुल्क उपचार करेगी और दवाइयां भी देगी इस लाइफ लाइन एक्सप्रेस में नि:शुल्क जांच की व्यवस्था  एक्स-रे, ऑपरेशन की व्यवस्था भी की गई है। 

इंपैक्ट इंडिया फाउंडेशन सीईओ जोसेफ ने बताया कि 1991 इंपैक्ट इंडिया फाउंडेशन की फाउंडर जेलमा लज़ारस द्वारा इसकी सुरुआत की गई थी। उन्होंने बताया कि अब तक यह एक्सप्रेस देश के 195 जिलों में अब तक काम कर चुकी है, जिसमें करीब सवा लाख मरीजों का इलाज किया जा चुका है। एक जिले में करीब 6 हजार से 10 हजार मरीजों का उपचार किया जाता है। चीन में इस तरह की दो ट्रेनों की शुरुआत हुई है और इसमें दिन के हिसाब से हम लोगों ने उपचार की व्यवस्थाएं की गयी है कि मरीजों को असुविधा न हो।

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