UP News: वाराणसी अन्नपूर्णा मंदिर में कुंभाभिषेक का आयोजन, शिव विवाह के साथ हुआ प्रतिष्ठा समारोह

डीएन ब्यूरो

वाराणसी के अन्नपूर्णा मंदिर में चल रहे 48 दिवसीय कुंभाभिषेक महोत्सव के अंतर्गत तीन दिवसीय प्रतिष्ठा समारोह की शुरुआत हो चुकी है। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट

भगवान शिव व माता पार्वती का पूजन करते मंदिर के पुजारी
भगवान शिव व माता पार्वती का पूजन करते मंदिर के पुजारी


वाराणसी: अन्नपूर्णा मंदिर में चल रहे 48 दिवसीय कुंभाभिषेक महोत्सव के अंतर्गत तीन दिवसीय प्रतिष्ठा समारोह की शुरुआत हो चुकी है। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में भव्य पूजा, हवन यज्ञ, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिष्ठा समारोह के पहले दिन यानी सोमवार को माँ अन्नपूर्णा के दरबार में शिव पार्वती विवाह का आयोजन हुआ, जो भक्तों के लिए एक अद्वितीय अनुभव साबित हुआ।

डाइनामाइट न्यूज़ संवादाता के अनुसार, इस विशेष आयोजन में महंत शंकर पुरी के सानिध्य में ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ शिव पार्वती विवाह संपन्न हुआ। मंदिर प्रांगण को विभिन्न प्रकार के सुगंधित पुष्पों से सजाया गया, और पूजा के दौरान माता अन्नपूर्णा और बाबा की चल प्रतिमा को विशेष रूप से सजे हुए दर्शन के लिए प्रस्तुत किया गया। भक्तों ने महादेव के उद्घोष के साथ भव्य आरती की और पूरे मंदिर प्रांगण में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।

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इस खास अवसर पर डांडिया और दक्षिण भारतीय संगीत के साथ शिव बारात की प्रस्तुति भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त और छात्राएं शामिल हुईं। एक तरफ डांडिया के साथ झूमते भक्त, वहीं दूसरी ओर पूजा में गाए गए विवाह गीतों ने वातावरण को और भी श्रद्धाभाव से भर दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गणेश वंदन, सरस्वती पूजन, अन्नपूर्णा स्त्रोतं व शिव विवाह गीतों की गायन ने भक्तों का मन मोह लिया। गायन में प्रसिद्ध कलाकारों ने भाग लिया, जैसे कि परणी वेद प्रभावती और नाद श्वरम, जबकि संगीत वादन में गोविद राज, वेंकतेश, संजय कुमार और डॉ. राज कुमार शामिल थे।

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यह आयोजन 26 मार्च तक चलेगा यानी बुधवार को इसका समापन होगा। महंत शंकर पुरी ने इस अवसर पर कहा कि भगवती की पूजा से दीर्घायु और समृद्धि प्राप्त होती है, और मंदिर के अनुष्ठान हमेशा "सर्वे जना: सुखिनो भवन्तु" की प्रार्थना के साथ समाप्त होते हैं।










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