UP News: गैंग्सटर नवाब सिंह और नीलू की अवैध मुलाकातें बनीं मुसीबत, कन्नौज जेल से किए गए शिफ्ट; जानें पूरा मामला

डीएन ब्यूरो

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जेल में अवैध मुलाकातों के खुलासे के बाद शासन ने बड़ा एक्शन लिया है। गैंग्सटर नवाब सिंह यादव और उसके भाई नीलू को बांदा-कौशांबी जेल में भेज दिया गया है। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट

गैंग्सटर नवाब सिंह(बाएं) और नीलू (दाहिने)
गैंग्सटर नवाब सिंह(बाएं) और नीलू (दाहिने)


कन्नौज: जिले की जेल में गैंग्सटर नवाब सिंह यादव और उसके छोटे भाई नीलू यादव से समर्थक की अवैध मुलाकातों का मामला सामने आने के बाद दोनों भाइयों को अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित कर दिया गया है। शासन के निर्देश पर शनिवार तड़के नवाब सिंह को बांदा और नीलू को कौशांबी जेल भेजा गया। इस कार्रवाई का आधार सीओ सिटी की जांच रिपोर्ट है, जिसमें खुलासा हुआ था कि दोनों भाइयों से अन्य बंदियों के नाम पर पर्ची बनाकर समर्थक रोज मुलाकात कर रहे थे।

डाइनामाइट न्यूज़ संवादाता के अनुसार, गैंग्सटर नवाब सिंह यादव, जो पूर्व ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं, को 11 अगस्त 2024 की रात किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके छोटे भाई नीलू यादव को भी साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दोनों पर गैंग्सटर की कार्रवाई की गई थी।

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अधिवक्ता अरविंद चौहान ने 8 मार्च को एसपी विनोद कुमार को शिकायत की थी कि नवाब सिंह और नीलू से रोजाना बड़ी संख्या में समर्थक जेल में मिलते हैं। इस शिकायत के बाद सीओ सिटी कमलेश कुमार ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि जेल के सीसीटीवी फुटेज में दोनों भाइयों से एक ही दिन में 70 से अधिक समर्थकों की मुलाकात होती देखी गई।

जेल स्थानांतरण के दौरान, कड़ी सुरक्षा के बीच नवाब सिंह यादव को बांदा जेल और नीलू यादव को कौशांबी जेल भेजा गया। डीएम शुभ्रान्त कुमार ने मीडिया को बताया कि जेल में भाइयों से अवैध ढंग से मुलाकातें हो रही थीं, और यह जेल प्रशासन की सुरक्षा के लिए खतरा पेश कर रहा था। 

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एसपी विनोद कुमार ने स्पष्ट किया कि इन गैंग्सटर भाइयों से जेल में अन्य बंदियों को असुविधा हो रही थी, जिससे जेल की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही थी। इसके चलते शासन ने दोनों भाइयों को अलग-अलग जेलों में शिफ्ट करने का निर्णय लिया।

जेल अधीक्षक मोहम्मद अकरम ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश का पालन करते हुए कार्रवाई की गई। यह मामला जेलों के भीतर हो रही अव्यवस्थाओं और कानून-व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गया है।










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