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नई दिल्ली: अमेरिका और चीन में बढ़ती तनातनी के बीच अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी मंगलवार को ताइवान पहुंचीं। पेलोसी के दौरे से चिढ़कर चीन अब ताइवान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। अब इस बात की आशंका गहराती जा रही है कि कहीं ताइवान की खाड़ी (Taiwan Straight) में जंग की शुरुआत न हो जाए। अमेरिका और चीन के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया है।
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अमेरिका में नंबर तीन की ताकत रखने वाली स्पीकर नैंसी पेलोसी मंगलवार रात 8 बजकर 14 मिनट पर ताइवान पहुंची हैं। उनकी फ्लाइट के लैंड होने के तुरंत बाद चीन ने ताइवान के कुछ सैन्य ठिकानों पर हमले की बात कही। अमेरिका से पेलोसी के ताइवान पहुंचने के बाद चीन ने गुरुवार से ताइवान के छह तरफ सैन्य अभ्यास का ऐलान किया है। इस ड्रिल में J-20 stealth fighter jets को भी शामिल किया गया है।
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स्पीकर नैंसी पेलोसी ने कहा कि ताइवान में लोकतंत्र फल-फूल रहा है। ताइवान ने दुनिया को साबित किया है कि चुनौतियों के बावजूद अगर आशा, साहस और दृढ़ संकल्प है तो आप समृद्ध भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। ताइवान के साथ अमेरिका की एकजुटता महत्वपूर्ण है। आज हम यही संदेश लेकर आए हैं।
पेलोसी के के ताइवान दौरे को लेकर चीन के ग्लोबल टाइम्स में कहा गया है कि अमेरिका ने कई समझौतों को उल्लंघन किया है।
वहीं, नैंसी पेलोसी ने बुधवार को ताइवान की संसद को बताया कि अमेरिकी चिप बिल उद्योग में यूएस-ताइवान सहयोग के लिए एक अच्छा अवसर प्रदान करेगा। पेलोसी ने यह भी कहा कि वह ताइवान के साथ संसदीय आदान-प्रदान बढ़ाना चाहती हैं।
ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने कहा कि हम ताइवान स्ट्रेट में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। ताइवान एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक को सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा तौर पर एक प्रमुख स्थिर शक्ति बना सकता है।
Published : 3 August 2022, 11:26 AM IST
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