Dynamite News LIVE : सावन के दुर्लभ संयोग में इस तरह पूरी होंगी आपकी मनोकामनाएं

डीएन संवाददाता

सावन का पवित्र माह शुरू होने जा रहा है, इस बार यह महीना कई मायनों में दुर्लभ संयोग लेकर आया है। डाइनामाइट न्यूज़ में पं0 ऋषिकांत मिश्रा आपको वे उपाय बता रहे है जिससे आप अपनी मनवांछित मनोकामनाएं इस सावन माह में पूरी कर सकते हैं।


सोमवार से सावन माह का प्रारंभ हो रहा है और ग्रहों की चाल इस बार एक दुर्लभ संयोग बना रही। श्रावण मास का प्रारंभ और अंत सोमवार से हो रहा है। ज्योतिर्विदों  का मानना है कि ऐसा संयोग कई वर्षों के बाद आता है। सावन के महीने में भगवान शिव की पूरा करने से मनवांछित इच्छाओं की पूर्ति होती है। इस बार सावन का यह दुर्लभ संयोग दस जुलाई से प्रारंभ होकर सात अगस्त तक रहेगा। इन दिनों शिव का पूजन, अर्चना, आराधना और अभिषेक करने से धन-धान्य, संतान सुख और यश की प्राप्ति होती है। इन दिनों लोग पवित्र नदियों के तट पर कल्पवास भी करते हैं।

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डाइनामाइट न्यूज़ से खास बातचीत में ज्योतिर्विद पं0 ऋषिकांत मिश्रा शास्त्री ने बताया कि सावन माह के इस दुर्लभ संयोग में भगवान शिव की कृपा पाने के लिए पूजन जप और अभिषेक करने से असीम कृपा मिलेगी। उन्होंने भगवान शिव के पूजन और अभिषेक के कई तरीके बताए, जिन्हें हम यहाँ आपसे साझा कर रहे हैं।

1- संतान सुख और उन्नति के लिए

यदि संतान सुख और उन्नति के लिए शिव का पूजन करना हो तो उनका अभिषेक गाय के दूध से करना चाहिए।

2- लक्ष्मी और यश प्राप्ति के लिए

भगवान शिव से धन धान्य और यस की प्राप्ति करनी हो तो गन्ने के रस से उनका अभिषेक करना चाहिए।

3- मोक्ष की प्राप्ति और पापों को नष्ट करने के लिए

जन्म जन्मांतर के पापों को नष्ट करने और मोक्ष की प्राप्ति के लिए तीर्थों के जल और गंगा जल से शिव का अभिषेक करें।

4- शमी के पात्रों का अद्भुत प्रयोग

शिव की कृपा पाने के लिए शमी के पत्तो को शिवलिंग में चढ़ाने से एक लाख वेलपत्रों का पुण्य प्राप्त होता है। शमी भगवान शनि का प्रतीकात्मक स्वरूप है और शिव शनि  के आराध्य है। इसलिए शमी के पत्तों को शिव पर चढ़ाने से शिव और शनि दोनों की कृपा प्राप्त होती है।

5- भगवान शिव के अभिषेक में जल का महत्व

शिव के पूजन और अभिषेक में जल सबसे महत्वपूर्ण है शिव पूजन के सबसे अंत मे जल से अभिषेक किये बिना पूजा का सम्पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।

6- शिव के पंचाक्षरी मन्त्र का महत्व

भगवान शिव का पंचाक्षरी मन्त्र अद्भुत फल देने वाला है। इस मंत्र का ध्यान जप करने शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है।

वहीं श्रावण माष में रुद्राभिषेक के महत्व को बताते हुए आचार्य और ज्योतिर्विद पं0 प्रेम शंकर शुक्ल का कहना है कि शिव का रुद्राभिषेक करने से पहले शिववास होने से इसका पुण्य कई गुना प्राप्त होता है। और शिव की पूजा उसी शिवालय में करें जिसमें नंदी की स्थापना हो अन्यथा आपका पूजन निर्थक हो जाएगा।

डाइनामाइट न्यूज़ अपने पाठको के लिए हर रोज भगवान भोलेनाथ और पवित्र सावन माह से जुड़ी धार्मिक, आध्यात्मिक कथा-कहानी, लेख और शिव मंदिरों से जुड़ी खबरों की श्रृंखला की शुरूआत कर रहा है। पूरे सावन माह तक आप भोले बाबा से जुड़ी खबरें हमारे विशेष कालम सावन स्पेशल में पढ़ सकते हैं। आप हमारी वेबसाइट भी देख सकते हैं DNHindi.com

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