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नई दिल्लीः अरुण जेटली ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) से जुड़े 4 बिलों को सोमवार को संसद में पेश किया। सी-जीएसटी, आई-जीएसटी, यूटी-जीएसटी और मुआवजा कानून को लोकसभा में रखा गया है। इन पर मंगलवार को चर्चा हो सकती है। कहा जा रहा है कि अगर संसद ने समय पर इन बिल्स को मंजूरी नहीं दी तो जुलाई में जीएसटी लागू करना मुश्किल होगा।
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इसके अलावा विभिन्न उपकरों को समाप्त करने के लिए उत्पाद एवं सीमा शुल्क कानून में संशोधन और नई जी.एस.टी. व्यवस्था के तहत निर्यात एवं आयात के बिल देने संबंधित संशोधन भी सदन में रखे जा सकते हैं। सूत्रों की मानें तो सरकार चाहती है कि GST से संबंधित विधेयक लोकसभा में 29 मार्च या अधिक से अधिक 30 मार्च तक पास हो जाएं। इसके बाद इन विधेयकों को राज्यसभा में रखा जाएगा।
एक जुलाई से GST लागू करना चाहती है सरकार
सरकार जीएसटी को 1 जुलाई से लागू करने का टारगेट लेकर चल रही है। इससे इंडियन प्रोडक्ट न सिर्फ घरेलू बाजार में बल्कि इंटरनैशनल मार्कीट में भी कॉम्पटीटर हो जाएंगे। स्टडी के मुताबिक, इससे देश की जीडीपी ग्रोथ रेट एक से दो फीसदी तक बढ़ सकती है। इससे न केवल नई नौकरियां पैदा होंगी, बल्कि प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी। जेतली ने कहा है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक 31 मार्च को होगी। इसमें नियमों को मंजूरी दी जाएगी। फिर अलग-अलग प्रोडक्ट और सर्विसेस पर कितना जीएसटी लगेगा यह तय किया जाएगा। जी.एस.टी. लागू होने के बार उत्पाद, सेवा कर, वैट और अन्य स्थानीय शुल्क इसमें सम्मिलित हो जाएंगे।
Published : 27 March 2017, 1:22 PM IST
Topics : जीएसटी मुआवजा लोकसभा वित्त मंत्री अरुण जेटली सरकार
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