Myanmar hostages: म्यांमार में 540 भारतीयों को पहले बनाया बंधक, फिर खौफनाक सजा; 21 लोगों ने सुनाई झकझोर देने वाली कहानी

डीएन ब्यूरो

इन दिनों म्यांमार को लेकर काफी चर्चा हो रही है। यहां पर भारतीयों के कम से कम 540 लोग बंधक बनाए गए है। अब इसके पीछे की कहानी आपको हैरान कर देगी। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

म्यांमार में भारतीयों को खौफनाक सजा
म्यांमार में भारतीयों को खौफनाक सजा


लखनऊ: म्यांमार में 540 भारतीयों को बंधक बनाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कई भारतीयों शानदार नौकरी का सपना दिखाया गया और वहां ले जाकर उनको बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया। इनमें उत्तर प्रदेश के भी कई लोग है। 

उत्तर प्रदेश के निवासी 21 लोग मंगलवार रात को लखनऊ पहुंच गए है। बता दें कि, बाल म्यांमार से छुड़ाए गए 21 युवक मंगलवार रात लखनऊ पहुंचे। यहां एलआईयू टीम ने पुलिस लाइन में इनसे 5 घंटे पूछताछ की। साथ ही प्रोफार्मा पर इनका नाम, पिता का नाम, पता, मोबाइल नंबर, म्यांमार में रहने वाले परिचितों के बारे में जानकारी लिखवाई गई। 

लखनऊ पहुंचे इन लोगों से एक प्रोफार्मा पर सवालों के जवाब लिखवाने के बाद रात करीब 2 बजे इन्हें स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया।

युवाओं ने एलआईयू टीम को क्या बताया

साथ ही बता दें कि, एसीपी क्राइम अभिनव और एलआईयू टीम द्वारा पूछताछ में युवकों ने आपबीती सुनाई थी। लखनऊ के मोहम्मद अनस, अमन सिंह और सुल्तान सलाउद्दीन ने बताया कि साइबर जालसाज भारत से एमबीए, बीबीए कर चुके युवाओं को अपना निशाना बनाते थे। उन्हें सोशल मीडिया के जरिए नौकरी के लिए कॉल करते थे।

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चीन से संचालित हो रहा था गिरोह

डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में एक बात कॉमन सामने आई कि ठगी का इनका गिरोह चीन से संचालित हो रहा था। ठगी के लिए कॉल सेंटर चलाने वाले लोग डेटा चीन भेजते थे। साइबर ठगी के लिए टेलीग्राम का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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पकड़े जाने से बचने के लिए ये टोर, टेलस और हूनिक जैसे वेब ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं। वीओआईपी के जरिए वीपीएन कनेक्शन के जरिए कॉलिंग की जाती है। वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है या फिर आवाज बदलकर लोगों को हनी ट्रैप में फंसाया जा रहा है।










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