यूपी सरकार ने माना.. मुजफ्फरनगर रेल हादसे में नही है कोई आतंकी साजिश, 22 मौत और 203 घायलों की पुष्टि

डीएन ब्यूरो

मुज़फ्फ़रनगर के खतौली के पास हुए कलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे में के बारे में राज्य सरकार ने मृतकों व घायलों के बारे में अधिकृत आंकड़े जारी किये हैं। ये आंकड़े रविवार शाम 7.30 बजे तक के हैं। यूपी गृह विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक हादसे में 22 की मौत हुई है, इनमें 21 की शिनाख्त कर ली गयी है और 203 घायल हैं जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) आनंद कुमार के मुताबिक एटीएस की अब तक की प्रारंभिक जांच में मुजफ्फरनगर रेल हादसे में किसी आतंकी साजिश की बात सामने नही आयी है। इधर रेल मंत्रालय ने हादसे के जिम्मेदार 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है औऱ एक अफसर का तबादला किया है। इसके अलावा जीएम रेलवे और डीआरएम दिल्ली को छुट्टी पर भेज दिया गया है।

कलिंग-उत्कल की बोगी पटरी से उतरी
कलिंग-उत्कल की बोगी पटरी से उतरी

मुजफ्फरनगर: राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) आनंद कुमार के मुताबिक एटीएस की अब तक की प्रारंभिक जांच में मुजफ्फरनगर रेल हादसे में किसी आतंकी साजिश की बात सामने नही आयी है। मुज़फ्फ़रनगर के खतौली के पास हुए कलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे में के बारे में राज्य सरकार ने मृतकों व घायलों के बारे में अधिकृत आंकड़े जारी किये हैं। ये आंकड़े रविवार शाम 7.30 बजे तक के हैं। यूपी गृह विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक हादसे में 22 की मौत हुई है, इनमें 21 की शिनाख्त कर ली गयी है और 203 घायल हैं जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इधर रेल मंत्रालय ने हादसे के जिम्मेदार 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है औऱ एक अफसर का तबादला किया है। इसके अलावा जीएम रेलवे और डीआरएम दिल्ली को छुट्टी पर भेज दिया गया है।

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प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक ट्रेन की तेज रफ्तार इस हादसे का प्रमुख कारण बनी। दुघर्टना की एक प्रमुख वजह पटरी का टूट जाना बताया जा रहा है। डाइनामाइट न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक हादसे का शिकार बनी उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन लगभग सौ किमी. प्रति घंटे की स्पीड से चल रही थी। जबकि ट्रैक पर मरम्मत का काम भी चल रहा था।

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बताया जा रहा है पटरियों पर मरम्मत कार्य के दौरान ट्रेन को स्पीड कम करने के किसी भी तरह के संकेत नहीं दिए गए, यही वजह हादसे का सबसे बड़ा कारण बना। कलिंग उत्कल एक्सप्रेस जब मेरठ से चली तो यह 45 मिनट लेट चल रही थी। मेरठ कैंट स्टेशन से ट्रेन के ड्राइवर-गार्ड को कॉशन दिया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिस कारण ट्रेन ड्राइवर ने सबकुछ सामान्य समझकर स्पीड बढ़ा दी जिसके परिणाम स्वरूप यह हादसा हुआ।

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बता दें कि पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र में शनिवार की शाम दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

हादसा इतना जबरदस्त था कि गाड़ी के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए और कई डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए। मेरठ-सहारनपुर रेलखंड में यह भीषण हादसा शाम करीब 5.45 बजे हुआ।

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