महराजगंज: सोहगीबरवा को बिहार में मिलाने की साजिश, यूथ कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

डीएन संवाददाता

निचलौल से सटे सोहगीबरवा गांव को बिहार में मिलाने की अटकलों के बीच यूथ कांग्रेस का गुस्सा चरम पर है। कांग्रेस का कहना है कि प्रशासन ने यदि यह प्रस्ताव वापस नहीं वापस नहीं लिया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। पूरी खबर..

सोहगीबरवा गांव के लोगों से बातचीत करते यूथ कांग्रेस के नेता
सोहगीबरवा गांव के लोगों से बातचीत करते यूथ कांग्रेस के नेता

महराजगंज: प्रशासन द्वारा सोहगीबरवा गांव को बिहार में मिलाने की अटकलों से यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा है। कांग्रेसियों ने इसके खिलाफ प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 72 घंटों के अंदर इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो वह उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

सोहगीबरवा गांव को बिहार में मिलाने की सूचना के बाद आज युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राकेश गुप्ता के नेतृत्व में दर्जनों की तादाद में यूथ कांग्रेसी सोहगीबरवा गांव गए। उन्हें पता चला कि इस गांव को प्रशासन द्वारा बिहार राज्य से जोड़ने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने इस मामले पर ग्राम प्रधान सहित सैकड़ों ग्रामीणों से बात की और इस दौरान सभी ने मौजूदा स्थिति को बनाये रखने पर सहमति जताई। 

श्री गुप्ता ने सांसद व क्षेत्रीय विधायक पर आरोप लगाया कि वह इस गांव को कुशीनगर से जोड़ने का प्रस्ताव बना रहे हैं, जबकि इस गांव की महाराजगंज में एक शाक पहचान है। यहां पूरे विश्व में 13वें नंबर का सेंचुरी पार्क है। इसे निचलौल से जुड़ने के लिए केवल एक पुल की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि इस गांव को बिहार में शामिल करने की साजिश न रोकी गयी तो यूथ कांग्रेसी 72 घंटा के बाद आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
 

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