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महराजगंज: शिक्षा का मंदिर जब अय्याशी का अड्डा बन जाये तो नौनिहालों का भविष्य क्या होगा, इसका अंदाज सहज लगाया जा सकता है। लखिमा थरुआ गांव के प्राथमिक विद्यालय का हाल भी कुछ ऐसा ही है, जहां मांस-मदिरा का प्रयोग हो रहा है। बताया जाता है कि यह स्कूल मास्टरों के पार्टी और अय्याशी का अड्डा बनता जा रहा है। स्कूल के खिलाफ इस तरह की खबरें मिलने के बाद मौके पर पहुंचे बेसिक शिक्षा अधिकारी को वहां मीट (मांस) बनाती महिला मिली और स्कूल परिसर में बीयर की कई खाली बोतलें भी मिली।
स्कूल में मीट बनने की खबर के बाद गांव में प्रधानाचार्य के खिलाफ माहौल गर्म हो गया है। लेकिन सवाल यह है कि यह स्कूल है या मास्टरों की पार्टी या अय्याशी का अड्डा?

मीट बनने की जानकारी जब बेसिक शिक्षा अधिकारी को मिली तो वे आनन-फानन में मौके पर जांच करने पहुंच गए। उस वक्त भी वहां मीट बनाया जा रहा था। बच्चों का मानना है कि स्कूल में मीट कई महिनों से बन रहा था, लेकिन उनको नहीं मिलता है और तो और स्कूल के अगल बगल बीयर की बोतलें भी खूब देखने को मिली।
इस प्रकरण में डाइनामाइट न्यूज़ के पूछे जाने पर महराजगंज के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) जगदीश शुक्ला ने कहा कि मैंने DCMDC और खण्ड शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच सौंप दी है और उस स्कूल के जितने भी मास्टर है सब पर कार्रवाई तय है।
Published : 9 August 2017, 6:00 PM IST
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