डाइनामाइट न्यूज़ की पड़ताल : स्मैक तस्करी का इंटरनेशनल ट्रांजिट हब बनता रुपईडीहा

डीएन संवाददाता

भारत-नेपाल के बीच का यह बॉर्डर स्मेक की तस्करी का ट्रांजिट हब बन कर उभर रहा है। यह अवैध काम यहाँ पुलिस के नाक नीचे और सफेदपोशों की शह पर हो रहा है। इस कारण कई बेगुनाहों का जीवन जोखिम में है। यहाँ से रोजाना लाखों रुपयों की स्मैक नेपाल भेजी जाती है।

भारत-नेपाल सीमा
भारत-नेपाल सीमा

बहराइच: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रुपईडीहा स्मैक की तस्करी का केंद्र बन गया है। यह भारत-नेपाल के बीच का यह बॉर्डर स्मेक की तस्करी के लिए एक इंटरनेशनल ट्रांजिट हब के रूप में उभर रहा है। यहाँ से रोजाना लाखों रुपयों की स्मैक नेपाल के दुर्गम पहाड़ी जिलों में भेजी जाती है और वहां से स्मैक की खेपों को नेपाल में आने वाले विदेशियों को सप्लाई किया जाता है।सबसे बड़ी आश्च्यर्जंक बात यह है कि यह सब काम पुलिस की नाक के नीचे हो रहे है।

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रुपईडीहा बार्डर पर इस कारोबार को बड़े पैमाने पर अंजाम दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार सीमा पर तैनात एक एजेंसी ऐसी है, जिसके मुखबिर ही यह कारोबार बड़े पैमाने पर कर रहे हैँ। सूत्रों के मुताबिक एसएसबी जवानों के मुखबिर ही सीमा पर स्मैक तस्करी का काम कर रहे हैं और बेगुनाहों को स्मैक के धंधे में फंसा रहे हैं। इस मसले पर इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे कारोबारियों के विरुद्ध मैने मास्टर प्लान बनाया गया है। तस्करी के मामले में कुछ सफेद पोश कुर्ताधारी भी शामिल है, इनकी भी गिरफ्तारी की जायेगी।

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किसान चोरी से बेच रहे स्मैक

स्मैक अफीम के फलों में से निकलने वाले तरल पदार्थ से तैयार किया जाता है। बाराबंकी के टेकरा गांव में सरकार ने किसानों को अफीम की खेती के लिए लाईसेंस दिया है लेकिन अफीम की खेती करने वाले किसान चोरी से स्मैक बना कर तस्करों को बेचने का काम करते हैं। नई बस्ती, चकिया रोड, बरथनवा, मुस्लिमबाग, राना पेट्रोल पम्प के आस-पास के इलाको में स्मैक की बिक्री की जा रही है।

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