दिल्ली में पांच दिन के इंस्टीट्यूशनल क्वारंनटीन के फैसले को उपराज्यपाल ने लिया वापस

देश की राजधानी दिल्ली में पांच दिन का अनिवार्य इंस्टीट्यूशनल क्वारंनटीन का फैसला उप राज्यपाल द्वारा आखिरकार वापस ले लिया गया है। दिल्ली सरकार इस फैसले का लगातार विरोध कर रही थी। पढिये, पूरी खबर..

Updated : 20 June 2020, 6:24 PM IST
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नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बढते मामलों के बीच दिल्ली के उपराज्यपाल ने कोविड-19 पैशंट्स के लिये पांच दिन के संस्थागत क्वारंटीन को अनिवार्य बना दिया था लेकिन दिल्ली सरकार इस फैसले का लगातार विरोध कर रही थी। आखिरकार उपराज्यपाल ने शनिवार को अपना फैसला वापस ले लिया।

दिल्ली के उपराज्यपाल ने 5 दिन के अनिवार्य इंस्टीट्यूशनल क्वारंनटीन के फैसले को वापस लेते हुए कहा कि अब केवल कोविड-19 के उन पॉजीटिव मरीजों को ही संस्थागत क्वारंटीन में जाने की जरूरत होगी, जिनके घर पर उचित सुविधाएं नहीं होंगी और जिनको मेडिकल आधार पर  संस्थागत क्वारंटीन में रहना जरूरी होगा।

 

राज्यपाल द्वारा फैसला वापस लिये जाने के बाद कोविड-19 मरीजों के लिये क्वारंटीन को लेकर पुरानी शर्तों का ही पालन करना होगा। वे पांच दिन के होम क्वारंनटीन पर रह सकेंगे और सभी नियम-शर्तों का यतावत पालन करना होगा।  

दिल्ली में अस्पताल समेत पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण उप राज्यपाल के फैसले का विरोध किया जा रहा था। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने उप राज्यपाल द्वारा फैसले को वापस पर खुशी जताई और उनका धन्यवाद किया। 

Published : 
  • 20 June 2020, 6:24 PM IST

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