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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सलाहकार (नीति और योजना) कुणाल सत्यार्थी ने मंगलवार को कहा कि चक्रवात ‘मिगजॉम’ के प्रभाव के कारण चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ चिंता का कारण थी, लेकिन तमिलनाडु सरकार ने संकट से निपटने के लिए काफी काम किया। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट
चेन्नई: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सलाहकार (नीति और योजना) कुणाल सत्यार्थी ने मंगलवार को कहा कि चक्रवात 'मिगजॉम’ के प्रभाव के कारण चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ चिंता का कारण थी, लेकिन तमिलनाडु सरकार ने संकट से निपटने के लिए काफी काम किया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक उन्होंने कहा कि चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में हताहतों की संख्या न्यूनतम रही है। सत्यार्थी ने कहा कि चेन्नई में दिसंबर 2015 में आई बाढ़ से तुलना करं तो बुनियादी ढांचा अब बहुत अधिक लचीला है।
सत्यार्थी ने शोलिंगनल्लूर में प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें राज्य सरकार को जल्द से जल्द इससे उबरने में मदद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नियुक्त किया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चेन्नई एक निचला शहर है और उस रात (चार दिसंबर को) बारिश बहुत अधिक हुई थी और तूफान भी आया था।’’
सत्यार्थी ने कहा कि लोग झीलों और नहरों के करीब रहने के कारण जल स्तर बढ़ने से चिंतित थे।
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