हिंदी
नई दिल्ली: केन्द्रीय शिक्षण संस्थानों में दो सौ अंकों वाली रोस्टर प्रणाली लागू कर शिक्षकों की नियुक्ति तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण से सम्बन्धित विधेयक को बुधवार को राज्यसभा ने ध्वनिमत से मंजूर कर दिया। लोकसभा सोमवार को ही इसे पारित कर चुकी है, इस तरह इस चर्चित विधेयक को संसद की मंज़ूरी मिल गयी।
यह विधेयक राष्ट्रपति द्वारा सात मार्च को जारी किये गये अध्यादेश के स्थान पर लाया गया था। गौरतलब है कि दो सौ अंकों वाली रोस्टर प्रणाली लागू करने के लिए सरकार ने उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी जिसे अदालत ने दूसरी बार खारिज कर दिया तब सरकार इसके लिए अध्यादेश लायी थी।
सदन ने इस विधेयक पर माकपा के के के रागेश और ईलामाराम करीम तथा के सोमा प्रसाद के संशोधनों को ध्वनिमत से खारिज कर दिया जबकि कांग्रेस के सुब्बीरामी रेड्डी ने अपना संशोधन वापस ले लिया। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने अध्यादेश के स्थान पर लाये गये इस विधेयक पर साधे तीन घंटे तक चली बहस का जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है और इसलिए वह चुनाव के पहले ही अध्यादेश लेकर आयी थी क्योंकि उच्चतम न्यायलय ने दो बार उसकी विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी थी। (वार्ता)
Published : 3 July 2019, 7:10 PM IST
No related posts found.