DN Exclusive: आतंकी हमले के बाद भी श्रद्धालुओं की आस्था अडिग

DN Bureau

आतंकियों के हमले के अगले दिन मंगलवार को 3 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के दर्शन करने के लिए कई जत्थों में रवाना हुए।

बालटाल से आगे की यात्रा के लिए जाते मुम्बई से आये तीर्थयात्री
बालटाल से आगे की यात्रा के लिए जाते मुम्बई से आये तीर्थयात्री

अनंतनाग: जम्मू-कश्मीर में बाबा अमरनाथ के दर्शन करने गए श्रद्धालुओं पर आतंकियों के हमले की जितनी भी निंदा की जाये कम ही कम है लेकिन यह भी सच है की भोले के भक्तों की आस्था के सामने आतंकियों के मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे। श्रद्धालुओं पर बीती शाम हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्सा है। लेकिन दूसरी तरफ द्धालुओं की आस्था अब भी चरम पर है। आतंकी हमलों के बाद मंगलावर सुबह तीन हजार से अधिक यात्री पवित्र गुफा के दर्शन के लिए निकले, जिनमे कई महिलाएं भी शामिल हैं।

अमरनाथ यात्रा के लिए मुम्बई से आये तीर्थयात्रियों के एक जत्थे ने बातचीत में कहा कि आतंक की घटना काफी शर्मनाक है लेकिन हमारा हौसला अडिग है। बालटाल से आगे की यात्रा पर निकल रहे इस जत्थे में शामिल भूपेन्द्र रतूड़ी ने कहा कि उन्हें कल देर शाम हुए आतंकी हमले की जानकारी आज सुबह ही मिली। लेकिन इस तरह की घटना  से श्रद्धालुओं की आस्था में कभी कमी नहीं आयेगी और किसी को भी हरगिज डरने की जरूरत नहीं है। अब उन्होंने और उनके साथियों ने निर्णय लिया है कि वे अगले साल से और भी ज्यादा संख्या ने बाबा बर्फानी के दर्शन हेतु आया करेंगे। उनके साथ शामिल उनके अन्य सभी सात-आठ साथी यात्रा को लेकर काफी उत्साहित है।     

जानकारी के मुताबिक़ आतंकी हमले के बाद मंगलवार को जम्मू में बनाये गए यात्रियों के कैंप से सुबह करीब यात्रियों का एक बड़ा जत्था सुबह पहलगाम से रवाना हुआ। इस जत्थे में 2389 श्रद्धालु शामिल होना बताया जाता है, जिसमें 1529 पुरुष और 537 महिलाएं हैं वहीं जत्थे में 250 साधु भी हैं। जम्मू के अलावा बालटाल के रुट से 973 यात्रियों का दूसरा जत्था दर्शन हेतु होने की तैयारी में है जिसमे 754 पुरुष और 219 महिला श्रद्धालु शामिल हैं। मंगलवार को कुल 3289 यात्री पवित्र गुफा के दर्शन के लिए निकले। इस दौरान कुल 105 छोटे-बड़े वाहन इन्हें ले जाएंगे।

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