सरकार ने माना, रोहिंग्या शरणार्थी देश के लिये खतरा

डीएन ब्यूरो

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के कारणों को देखते हुए रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस भेजना चाहती है।

रोहिंग्या शरणार्थी
रोहिंग्या शरणार्थी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के कारणों को देखते हुए रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस भेजना चाहती है। सरकार का मानना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ही नहीं, बल्कि खूंखार आतंकी संगठन आईएस भी रोहिंग्या शरणार्थियों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा भारत विरोधी आतंकी संगठन लश्कर और जैश की तरफ से भी शरणार्थियों को लुभाने की कोशिश की जा रही है।

सरकार की तरफ से एक और महत्वपूर्ण जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी गई। सरकार ने इशारा किया है कि रोहिंग्या शरणर्थियों को पनाह देना देश में आईएसआई और आईएस के खतरे को पनाह देने के समान है। गृह मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक पिछले दो वर्षों मैं सैंकड़ों रोहिंग्या मुसलमानों को जम्मू और कश्मीर के रास्ते पाकिस्तान भेजा जा चुका है।

दूसरी तरफ, भारत से पाकिस्तान गये रोहिंग्या शरणार्थी अभी भी भारत में रह रहे अपने परिजनों के संपर्क में है। इन सब वजहों को देखकर सुरक्षा चिंताए बढ़ गई है। यही वज़ह है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दिये हलफनामे मे कहा है कि केंद्र सरकार को इस बात का पता चला है कि रोहिंग्या शरणार्थी भारत में किसी साजिश की ताक में आईएसआई आईएस और अन्य आतंकी संगठनों का हिस्सा बन सकते हैं।

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