यूपी समेत कई राज्यों में अवैध हथियारों की सप्लाई का भंडाफोड़, जानिये ये चौंकाने वाले खुलासे

डीएन ब्यूरो

उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में हथियारों की तस्करी का मामला सामने आया है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

एसटीएफ ने हथियारों के तस्कर को धरा
एसटीएफ ने हथियारों के तस्कर को धरा


लखनऊ: यूपी एसटीएफ को शनिवार को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने अवैध हथियारों के अंतर्राज्यीय सप्लायर को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। 

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार अभियुक्त पर पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम रखा हुआ था।  

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान किन सिंह उर्फ किम सिंह उर्फ विनोद सिंह पुत्र देवी सिंह ग्राम सिगनूर, थाना गोगांवा, जनपद खरगोन मध्य प्रदेश के रुप में हुई है।

जानकारी के अनुसार एसटीएफ ने आरोपी को शुक्रवार को विजय लक्ष्मी हास्पिटल के सामने खरगोन, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया।

इससे पूर्व एसटीएफ ने गत 24 जुलाई को हथियारों के दो तस्करों को 08 अवैध पिस्टल एवं 16 मैगजीन के साथ पारा, 
लखनऊ से गिरफ्तार किया था। 

गिरफ्तार तस्करों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि ग्राम सिगनूर, खरगोन (मप्र) निवासी किन सिंह अवैध शस्त्रों का मैन्यूफैक्चरर व सप्लायर है, जो देश के अलग-अलग राज्यों में हथियारों की सप्लाई करता है, वहीं से अवैध शस्त्र लाकर वह लोग भी उ०प्र० के विभिन्न जिलों में बेचते है।

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अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने  50 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित किया। 

पुलिस ने मध्य प्रदेश से तस्करी कर लाये जाने वाले अवैध शस्त्रों की रोकथाम के लिए एस०टी०एफ० ने टीम गठित की। 

इस दौरान मुखबिर के जरिए एसटीएफ को ज्ञात हुआ कि इनामी अपराधी और अवैध हथियारों का सप्लायर किन सिंह खारगोन के विजय लक्ष्मी अस्पताल के बाहर किसी से मिलने आने वाला है।

एसटीएफ ने सूचना स्थानीय पुलिस को अगवत कराकर विजय लक्ष्मी अस्पताल खारगोन के आस-पास आवश्यक घेराबन्दी कर उसे दबोच लिया। 

गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि वह कई वर्षों से अवैध शस्त्रों का निर्माण कर मध्य प्रदेश, उ०प्र०, दिल्ली, राजस्थान व महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों में सप्लाई करता है।

मांग के मुताबिक वह सेमी आटोमैटिक व आटोमैटिक शस्त्रों का निर्माण करता है। उसने शस्त्रों के निर्माण हेतु कई कारीगर रखे हैं जो यही काम करते है। सामान्यतः शस्त्रों का निर्माण सिगनूर के जंगलों में होता है जहाँ समय-समय पर ठिकाने बदलते रहते है। 

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उसने बताया कि हथियारों के निर्माण हेतु कच्चा माल स्टील प्लेट, राड व स्क्रू आदि स्थानीय बाजार से मिल जाता है। पिस्टलों की बैरल हेतु टाटा व सन ब्राण्ड की 16 एमएम की सरिया का इस्तेमाल करते है, जिसे खराद मशीन से ड्रिल कर बैरल के रूप में परिवर्तित कर देते है।

एक पिस्टल तैयार करने में कारीगर को 02-03 दिन लगते है। जिस पर करीब 03 हजार की लागत आती है। सेमी आटो मैटिक पिस्टल 10-15 हजार व आटो मैटिक पिस्टल 50-60 हजार में बेचते है।

गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ लखनऊ, दिल्ली, खरगोन में कई मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ जनपद लखनऊ में बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कार्रवाही में जुट गई है। 










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