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नयी दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने राष्ट्रीय राजधानी में 10 और कुटुंब अदालतें स्थापति करने की मंजूरी दे दी है, जिसके साथ ही ऐसी अदालतों की कुल संख्या बढ़कर 31 हो जाएगी। राज निवास के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
इस मंजूरी के बाद इन अदालतों को चलाने के लिए न्यायाधीशों के 10 पद और 71 अन्य पद सृजित करने होंगे। इनमें रीडर, स्टेनोग्राफर और अन्य पद शामिल हैं।
अधिकारी ने कहा, “5-10 साल से अधिक समय से लंबित मामलों को देखते हुए कम से कम 10 और कुटुंब अदालतें बनाने के लिए 2019 में की गई पूर्ण न्यायालय की सिफारिश के बाद यह मंजूरी दी गई है।”
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार दिल्ली में कुटुंब अदालतों में लगभग 46,000 मामले लंबित हैं। सबसे कम 1,321 मामले साकेत कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के पास जबकि सबसे अधिक 3,654 मामले कुटुंब अदालत, रोहिणी में लंबित हैं।
द्वारका में स्थित कुटुंब न्यायालय मुख्यालय के अनुसार, कुटुंब अदालत में रोजाना औसतन लगभग 150-200 मामले दर्ज होते हैं और इन अदालतों में लगभग 80 प्रतिशत कर्मचारी विभिन्न अन्य विभागों के लिए अलग से काम कर रहे हैं।
Published : 14 November 2023, 6:23 PM IST
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