उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति में हुआ कितना सुधार, राजस्व और खर्च में हुई कितनी बढ़ोतरी; जानिए यहां

डीएन ब्यूरो

प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। राजस्व और खर्च में बढ़ोतरी हुई है। कितनी बढ़ोतरी हुई है ये जानने के लिए पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

प्रदेश की वित्तीय स्थिति में सुधार
प्रदेश की वित्तीय स्थिति में सुधार


हरिद्वार : उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सरकार ने 94,247 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया था, जिसमें से 31 मार्च तक 70% खर्च हो चुका है। वेज एंड मीन्स एडवांस को जोड़ने के बाद यह आंकड़ा 80% से अधिक हो जाता है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, वित्त विभाग के आंकड़ों से जानकारी सामने आई है कि,  इस वर्ष प्रदेश सरकार की आय 10% बढ़कर 66,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष यह 59,935 करोड़ रुपये थी।

बजट खर्च का विश्लेषण

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  • राजस्व खर्च: 50,500 करोड़ रुपये
  • पूंजीगत खर्च: 11,000 करोड़ रुपये
  • ऋण पुनर्भुगतान: 4,360 करोड़ रुपये
  • कुल खर्च: 70,000 करोड़ रुपये

अवसंरचना विकास में बड़ा निवेश

प्रदेश सरकार ने लगातार दूसरे वर्ष 10,000 करोड़ रुपये से अधिक पूंजीगत व्यय किया। इसमें विभिन्न विभागों का योगदान रहा। 

  • वित्त विभाग: 1,432 करोड़ रुपये
  • लोक निर्माण विभाग: 1,408 करोड़ रुपये
  • ग्रामीण विकास: 1,382 करोड़ रुपये
  • सिंचाई विभाग: 924 करोड़ रुपये
  • शहरी विकास: 763 करोड़ रुपये
  • ऊर्जा विभाग: 756 करोड़ रुपये
  • स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन पर व्यय

कुछ विभागों का पूंजीगत खर्च 100 करोड़ रुपये से कम रहा, जिनमें शामिल हैं। 

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  • समाज कल्याण: 97 करोड़ रुपये
  • खेल विभाग: 97 करोड़ रुपये
  • चिकित्सा शिक्षा: 94 करोड़ रुपये
  • तकनीकी शिक्षा: 86 करोड़ रुपये
  • उच्च शिक्षा: 79 करोड़ रुपये
  • स्वयं के संसाधनों से बढ़ी आय

प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से 20,680 करोड़ रुपये की आय अर्जित की, जिसमें प्रमुख स्रोत रहे।

  • राज्य कर (SGST): 9,256 करोड़ रुपये (11.5% वृद्धि)
  • स्टाम्प एवं पंजीकरण शुल्क: 2,635 करोड़ रुपये (8% वृद्धि)
  • आबकारी कर: 4,310 करोड़ रुपये
  • खनन से आय: 1,035 करोड़ रुपये (60% वृद्धि)
  • वन विभाग से आय: 574 करोड़ रुपये

इसके अलावा, केंद्रीय करों में प्रदेश का हिस्सा 14% बढ़कर 14,386 करोड़ रुपये हो गया। राजस्व में वृद्धि और पूंजीगत खर्च में निरंतरता से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। सरकार आने वाले समय में अवस्थापना विकास, सामाजिक कल्याण और शिक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी। 










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