गणेश शंकर पांडेय को लेकर उड़ी अफवाह.. भाजपा में हुए शामिल

सुभाष रतूड़ी

पूर्वी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले नेता गणेश शंकर पाण्डेय को लेकर मंगलवार की सुबह से ही राजनीतिक हलकों में जबरदस्त अफवाहों का दौर है कि वे भाजपा में शामिल हो गये हैं.. एक्सक्लूसिव खबर..

गणेश शंकर पांडेय (फाइल फोटो)
गणेश शंकर पांडेय (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: गोरखपुर मंडल की राजनीति में दबदबा रखने वाले गणेश शंकर पांडेय को लेकर आज सुबह से ही राजनीतिक गलियारों में अफवाहों का दौर तेज है कि वे भाजपा में शामिल होकर गोरखपुर लोकसभा का उपचुनाव लड़ेंगे।

सुबह से ही डाइनामाइट न्यूज़ के दिल्ली दफ्तर पर तमाम लोगों ने इस बात की तस्दीक करने के लिए फोन करना शुरु कर दिया कि क्या गणेश शंकर पांडेय ने भाजपा ज्वाइन कर लिया है? इन लोगों के मुताबिक इस तरह की खबर टीवी चैनलों और व्हाट्सअप ग्रुपों पर चल रही है।

इस बात की तस्दीक जब डाइनामाइट न्यूज़ ने की तो पता चला कि अभी तक इस खबर में कोई सच्चाई नही है।

गणेश शंकर पांडेय गोरखपुर और महराजगंज जिले की राजनीति करते हैं और इन दोनों जिलों में भाजपा में कौन शामिल होगा और कौन नही.. यह सीएम योगी आदित्यनाथ की मर्जी के बाद ही राष्ट्रीय नेतृत्व के स्तर पर तय होगा। वैसे भी जब बात गोरखपुर लोकसभा का सीट की हो तो योगी की हां या ना पर ही सब कुछ निर्भर होगा। 

राजनीतिक विश्लेष्कों की मानें तो अंदर की बात ये है कि गणेश शंकर के सीएम योगी आदित्यनाथ से संबंध अच्छे हैं लेकिन इनके मामा और पूर्व मंत्री हरिशकंर तिवारी से योगी गुट के संबंध अच्छे नही हैं। हालांकि राजनीतिक विरोध के बावजूद भी कभी ये दोनों गुट एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर आमने-सामने नही आये तो इसके पीछे भी गणेश शंकर का राजनीतिक कौशल है। इनकी राजनीतिक छवि साफ-सुथरी है। ये चार बार एमएलसी तो एक बार उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति भी रह चुके हैं।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक कुछ समय पहले जब गणेश शंकर पांडेय की मां का निधन हुआ था तब सामाजिक शिष्टाचार के नाते योगी.. पांडेय के घर पर भी गये थे।

दिल्ली में भाजपा के एक बड़े नेता से जब इस बारे में डाइनामाइट न्यूज़ ने बात की तो उन्होंने कोई भी जानकारी होने से साफ इंकार किया लेकिन यह जरुर माना कि भाजपा ब्राम्हणों को यह संदेश देना चाहती है कि उनका भला पार्टी के साथ जुड़ने में ही है। 

इधर गोरखपुर में मौजूद विधान परिषद के पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय से डाइनामाइट न्यूज़ ने इस मामले पर बात की तो उन्होंने कहा कि इसमें कोई सच्चाई नही है कि वे भाजपा में शामिल होकर गोरखपुर से चुनाव लड़ रहे हैं।

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