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चंडीगढ़: एथर एनर्जी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) एवं सह-संस्थापक तरुण मेहता ने शुक्रवार को कहा कि अप्रैल से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री पर सरकार का प्रोत्साहन खत्म होने से उद्योग जगत की कंपनियों को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। इससे एक या दो साल तक कारोबार के स्थिर रहने की आशंका है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनी के सीईओ ने एक बयान में कहा, ‘‘ उद्योग अब पूरी तरह से सब्सिडी पर निर्भर नहीं है, लेकिन अप्रैल में सब्सिडी के समाप्त होने से उद्योग से जुड़ी कंपनियों को कड़ी मेहनत करनी पडे़गी।
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उन्होंने कहा, ‘‘ लचीलेपन के बावजूद इससे एक या दो वर्षों तक कारोबार स्थिर रहे सकता है जिससे उद्योग अपने तय लक्ष्य का पाने से और दूर हो जाएगा।’’
केंद्र सरकार फेम-II (भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के विनिर्माण को तेजी से अपनाने) योजना के तहत दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों की बिक्री पर प्रोत्साहन प्रदान करती है। इसकी अवधि इस साल मार्च में समाप्त हो जाएगी। केंद्र ने पिछले साल जून में पहले ही इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी राशि 15,000 रुपये प्रति किलोवॉट से घटाकर 10,000 रुपये प्रति किलोवॉट कर दी थी।
Published : 19 January 2024, 2:50 PM IST
Topics : Ather Energy Electril Vehicles growth Subsidy इलेक्ट्रिक एथर एनर्जी तरुण मेहता वाहन वृद्धि सब्सिडी
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