Delhi Polls: चुनावी चर्चा में देखिये जनता ने कैसे घेरा नेताओं को, स्कूलों पर छात्र का बड़ा खुलासा
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिये जारी प्रचार अभियान के बीच डाइनामाइट न्यूज टीम लगातार जनता के बीच जा रही है और चुनावी नब्ज को टटोलने की कोशिश कर रही है। इसी क्रम में पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ पर चुनावी चर्चा के दौरान हुए एक बड़े खुलासे के बारे में
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की हर सड़क, नगर और मौहल्लों में इन दिनों चुनावी शोर जोरों पर है। हर दीवार पार्टी, नेताओं और घोषणाओं के पोस्टरों पटे हुए हैं। विधानसभा चुनाव के लिये जारी प्रचार अभियान के बीच डाइनामाइट न्यूज टीम लगातार जनता के बीच जा रही है और चुनावी नब्ज को टटोलने की कोशिश कर रही है।
डाइनामाइट न्यूज़ पर चुनावी चर्चा के अपने कार्यक्रम ‘दिल्ली चुनाव में माहौल टाइट है’ में सबसे व्यस्त बाजारों में शुमार गफार मार्केट पहुंची।
डाइनामाइट न्यूज़ ने दिल्ली चुनाव को लेकर कई युवाओं, उद्यमियों और आम लोगों से बातचीत की। डाइनामाइट न्यूज़ के इस चुनावी चर्चा में लोगों ने कई रोचक बातें की और गुस्से में कुछ नेताओं को चोर और झूठा तक कह डाला।
यह भी पढ़ें |
Delhi Polls: AAP ने जारी की फाइनल लिस्ट, 38 उम्मीदवारों के नामों का किया ऐलान
एक युवक ने कहा कि चुनाव के समय ही नेताओं को आम जनता और घोषणाएं याद आती है। चुनाव जीतने के बाद वे सब भूल जाते हैं। ऐसे झुठे नेताओ का डीएनए टेस्ट होना चाहिये।
डाइनामाइट न्यूज के इस कार्यक्रम में एक छोटा स्कूली बच्चा भी आ पहुंचा और उसने अपनी बात रखने की इजाजत मांगी। इस बच्चे ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली के स्कूलों को अत्याधुनिक बनाये जाने के दावे किये जाते हैं। छात्र ने बताया कि वो दिल्ली की सरकारी स्कूल में पढ़ता है।
अरविंद केजरीवाल और दिल्ली सरकार के दावों के उलट इस छात्र ने बताया कि दिल्ली की सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिये कई तरह की मूलभूत सुविधाएं तक मुहैया नहीं है। बाथरूम, वाशरूम समेत हर जगह गंदगी का अंबार है।
यह भी पढ़ें |
Delhi Polls: पीएम मोदी के ‘शीशमहल’ वाले तंज पर केजरीवाल का पलटवार, झुग्गी वोट बैंक में कौन लगा रहा सेंध?
डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में कुछ लोगों ने कहा कि इस बार वे दिल्ली में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। इन लोगों का आरोप था कि आम आदमी पार्टी सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया, जिसके उसने दावे किये थे।
कुछ लोगों ने कहा कि दिल्ली में इस बार भी झाड़ू चलेगी और केजरीवाल फिर से सीएम बनेंगे। कुछ लोगों भाजपा तो कुछ ने कांग्रेस को अपना पसंदीदा दल बताया।
दिल्ली चुनाव पर चर्चा के इस कार्यक्रम में इतना साफ हुआ कि इस बार दिल्ली में त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है। आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस के इस मुकाबले में किसकी जीत होगी, इसका पता 5 फरवरी को चुनाव परिणाम के बाद ही चल सकेगा।