Online Shopping: ईद पर क्यों कम हुई बाजारों की रौनक, जानिये इन नये बदलावों को
जहां ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स अपनी सुविधाओं और डील्स के कारण ज्यादा लोकप्रिय हो रहे हैं, वहीं पारंपरिक बाजारों में बिक्री में गिरावट देखी जा रही है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की खास रिपोर्ट

नई दिल्ली: ईद का त्यौहार हर साल लाखों लोगों के लिए उत्साह और खुशी साथ लेकर आता है। लोग ईद के मौके पर नए कपड़े, जूते, गहने और खाने-पीने की चीजों की खरीदारी करते हैं और यह पारंपरिक रूप से बाजारों में भीड़-भाड़ देखने को मिलती है।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार पिछले कुछ सालों में एक बड़ा बदलाव देखा गया है। अब ज्यादा लोग ऑनलाइन शॉपिंग की ओर रुख कर रहे हैं और इसका सीधा असर पारंपरिक बाजारों पर पड़ रहा है।
ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता क्रेज
जहां पहले लोग ईद के दौरान अपनी शॉपिंग के लिए बाजारों का रुख करते थे वहीं अब ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स ने अपनी सुविधाओं और आकर्षक ऑफर्स के कारण लोगों को अपनी ओर खींच लिया है।
विभिन्न ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स और ऐप्स पर ईद के मौके पर विशेष छूट, डील्स और नए संग्रह की पेशकश की जा रही है। जो पारंपरिक बाजारों के मुकाबले अधिक आकर्षक हो रहे हैं। इसके अलावा ऑनलाइन शॉपिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लोग बिना घर से बाहर निकले अपनी शॉपिंग कर सकते हैं। इस तरह से समय की बचत होती है और भीड़-भाड़ से भी बचा जा सकता है। जो ईद जैसे त्योहारों के दौरान आमतौर पर बाजारों में देखने को मिलती है।
ऑनलाइन शॉपिंग के फायदे
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सुविधा और समय की बचत: ऑनलाइन शॉपिंग करने से लोग अपने घर बैठे ही आराम से सामान चुन सकते हैं। इसे करने के लिए न तो उन्हें भीड़ में जाने की जरूरत होती है और न ही किसी भी दुकान पर जाकर चीजों को चुनने का वक्त बर्बाद करना पड़ता है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए सहायक है, जिनके पास समय की कमी है या जो अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
बड़ी छूट और ऑफर्स: ईद के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी छूट और डील्स दी जाती हैं। ग्राहकों को कई बार भारी डिस्काउंट्स, कैशबैक, और अन्य आकर्षक ऑफर्स मिलते हैं, जिससे वे सस्ते दामों पर अच्छे से अच्छे सामान को खरीद सकते हैं। इस वजह से ऑनलाइन शॉपिंग का रुझान तेजी से बढ़ रहा है।
विविधता और उपलब्धता: ऑनलाइन शॉपिंग में ग्राहकों के पास विभिन्न ब्रांड्स, डिजाइन्स और श्रेणियों का चुनाव करने का मौका होता है। वे एक क्लिक में दुनिया भर के उत्पादों तक पहुँच सकते हैं, जो उन्हें पारंपरिक बाजारों में हमेशा नहीं मिल पाते।
घर बैठे शॉपिंग की सुविधा: विशेष रूप से महामारी के बाद, घर से बाहर निकलने से पहले लोग ऑनलाइन शॉपिंग करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। घर बैठे शॉपिंग करना अधिक सुरक्षित और आरामदायक महसूस होता है।
बाजारों पर प्रभाव
जहां ऑनलाइन शॉपिंग ने ग्राहकों को कई फायदे दिए हैं। वहीं इसका पारंपरिक बाजारों पर भी असर पड़ा है। ईद जैसे बड़े त्योहारों पर जो आमतौर पर बाजारों में भारी भीड़ होती थी अब वैसा दृश्य नहीं देखने को मिल रहा। छोटे दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों को ऑनलाइन शॉपिंग के कारण नुकसान हो रहा है।
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कम भीड़ और बिक्री में गिरावट: पारंपरिक बाजारों में ईद के दिनों में हमेशा भीड़-भाड़ होती थी, लेकिन अब वह दृश्य लगभग गायब सा हो गया है। ज्यादातर लोग अब अपनी शॉपिंग ऑनलाइन कर रहे हैं, जिससे दुकानदारों की बिक्री में गिरावट आ रही है। छोटे व्यापारियों को इस बदलाव का सबसे अधिक असर हो रहा है, क्योंकि उनके पास ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए संसाधन नहीं होते हैं।
सामान्य दुकानदारों की चुनौतियां: पारंपरिक दुकानदार अब अपने ग्राहकों को लुभाने के लिए नए-नए उपाय अपना रहे हैं। कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी लिस्ट करना शुरू कर दिया है, ताकि वे भी ऑनलाइन खरीदारों तक पहुँच सकें। हालांकि, यह एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है, क्योंकि उन्हें अपने उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग और डिलीवरी सिस्टम को स्थापित करना पड़ता है।
सामाजिक और सांस्कृतिक पहलू: हालांकि ऑनलाइन शॉपिंग की अपनी सुविधाएँ हैं फिर भी पारंपरिक बाजारों में खरीदारी का अपना एक अनुभव और आकर्षण है। लोग त्योहारी सीजन के दौरान दोस्तों और परिवार के साथ बाजारों में घूमते थे। यह एक सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधि बन चुकी थी। ऑनलाइन शॉपिंग ने इस अनुभव को बहुत हद तक घटित किया है। जिससे सामाजिक रूप से बाजारों की भीड़ कम हो गई है।
ऑफलाइन और ऑनलाइन का जाने फर्क
पारंपरिक बाजारों को ऑनलाइन शॉपिंग से जूझने के लिए कुछ नए उपायों की जरूरत है। कई व्यापारियों ने अब अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेचने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इसके अलावा कुछ दुकानदार भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्लेटफॉर्म्स पर छूट और आकर्षक डील्स देने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा पारंपरिक बाजारों को सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग का अधिकतम लाभ उठाने की आवश्यकता है, ताकि वे ऑनलाइन प्लेटफार्म्स से प्रतिस्पर्धा कर सकें और ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर सकें।