आजमगढ़ः पीएम मोदी के नाम पर चलाया जा रहा था फर्जीवाड़ा, पति-पत्नी गिरफ्तार

डीएन संवाददाता

आजमगढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पर फर्जीवाड़ा चलाया जा रहा है। पीएम मोदी के नाम पर विभिन्न तरह के पदों को लेकर लोगों से वसूली का कारोबार चलाया रहा था। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े दंपति को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

आजमगढ़ः जिले के कोतवाली क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां नरेन्द्र मोदी मोर्चा के नाम पर एक व्यक्ति से ठगी की गया। पीड़ित ने एक व्यक्ति पर पैसा लेकर उसे धोखा देने का आरोप लगाया है। पीड़ित व्यक्ति ने नरेन्द्र मोदी मोर्चा संगठन को ही फर्जी बताया है, जिसका मकसद राजनीति के नाम पर लोगों से धन उगाही करना है। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। पीड़ित व्यक्ति की यह शिकायत सही साबित हुई और पुलिस ने एक ऐसे दपंति को पकड़ने में कामयाबी हासिल की जो नरेन्द्र मोदी मोर्चा के नाम पर कई लोगों से ठगी कर चुका था। इनका नेटवर्क कई राज्यों में फैला था।

दरअसल कोतवाली थाना क्षेत्र के मुहल्ला आसिफगंज सैय्यद काजी अरशद नाम के एक व्यक्ति ने नरेन्द्र मोदी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह उनकी पत्नी डौली त्यागी व राजीव रंजन कौशल पर आरोप लगाया और कहा कि ‘ये सभी लोग गैंग बनाकर नरेन्द्र मोदी मोर्चा के नाम से संगठन चला रहे हैं और भारत सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर नौकरी दिलाने व भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में लाभ के नाम पर धन उगाही कर रहे हैं।  

सैय्यद काजी का आरोप है कि इस संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह व राष्ट्रीय महामंत्री राजीव रंजन द्वारा यूपी,  गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान व अन्य प्रदेशों में प्रदेश स्तर व जिला स्तर की कार्यकारणी का भी फर्जी तरीके से गठन कर धन की उगाही कर रहे हैं जिसके शिकार वे स्वयं बन चुके हैं।

मीडिया के सामने किया था ऐलान

सैय्यद काजी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष आशिष सिंह व राजीव रंजन के कहने पर सैय्यद काजी अरशद द्वारा यूपी के नरेन्द्र मोदी मोर्चा के पदाधिकारीयों की मीटिंग यूपी प्रेस क्लब में की गई। इसमें प्रदेश के सभी जनपद स्तर के पदाधिकारी सम्मिलित हुए तथा सैय्यद काजी अरशद को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी था। पर बाद में इसकी कार्यप्रणाली सबके सामने आ गई।

पीएमओ ने बनाए रखी थी नजर

इस मामले में आशीष सिंह को गिरफ्तार कर  लिया गया है। आशीष प्रधानमंत्री के नाम से छपवाए नोटपैड का भी इस्तेमाल करता था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले पर बराबर नजर बनाए हुए था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश में आशीष सिंह और उसकी पत्नी डाली सिंह को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया।

इन दोनों अपने सोशल पेज के माध्यम से उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी ठगी के कई मामलों को अंजाम दिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में सब इंस्पेक्टर जितेन्द्र बहादुर सिंह, कांस्टेबल धनन्जय राय और निखिल पाण्डेय थाना कोतवाली, आजमगढ़ शामिल रहे।













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