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नयी दिल्ली: भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) और चार अन्य खेल निकायों में यौन उत्पीड़न के आरोपों से निपटने के लिए आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की गौरमौजूदगी पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गुरुवार को युवा मामलों और खेल मंत्रालय को नोटिस जारी किया
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार एनएचआरसी ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ), भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई), भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) और कई अन्य राष्ट्रीय खेल संघों को उन रिपोर्टों पर नोटिस भेजा है जिनमें कहा गया है कि उनके पास कानून के मुताबिक शिकायत की कोई आंतरिक समिति नहीं है और कुछ के पास समिति हैं तो वह उचित तरीके से काम नहीं कर रही है।
ये नोटिस ऐसे समय में आया हैं जब कई पहलवान महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। पहलवान उन्हें बर्खास्त और गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।
एनएचआरसी ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है कि भारतीय कुश्ती महासंघ में कोई आंतरिक शिकायत समिति नहीं है, जैसा कि यौन उत्पीड़न रोकथाम (पीओएसएच) अधिनियम, 2013 के तहत अनिवार्य है।
एनएचआरसी के बयान के मुताबिक, ‘‘ डब्ल्यूएफआई कथित तौर पर इकलौता खेल निकाय नहीं है जिसके पास विधिवत गठित आईसीसी नहीं है। देश के 30 राष्ट्रीय खेल संघों में से 15 ऐसे हैं जो इस अनिवार्य आवश्यकता को पूरा नहीं करते हैं।’’
Published : 11 May 2023, 6:33 PM IST
Topics : आईसीसी एनएचआरसी खेल मंत्रालय डब्ल्यूएफआई नोटिस यौन उत्पीड़न
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