यूपी में 30 आईपीएस और 21 अपर पुलिस अधीक्षक बदले गये, लिस्ट सबसे पहले डाइनामाइट न्यूज़ पर..

डीएन संवाददाता

उत्तर प्रदेश में अफसरों के तबादलों का सिलसिला जारी है। मंगलवार को सुबह 36 पीसीएस अफसरों के तबादले के बाद शाम को 30 आईपीएस और 21 एएसपी को ताश के पत्तों की तरह फेंट दिया गया। पूरी लिस्ट सबसे पहले डाइनामाइट न्यूज़ पर..

फाइल फोटो
फाइल फोटो

लखनऊ: यूपी में ताबड़तोड़ तबादलों का सिलसिला जारी है। मंगलवार शाम को राज्य में 30 आपीएस अफसरों और 21 अपर पुलिस अधीक्षकों को इधर से उधर कर दिया गया जबकि सुबह सूबे के 36 पीसीएस अफसरों के तबादले कर दिये गये थे। डाइनामाइट न्यूज़ एक्सक्लूसिव..

यह भी पढ़ें: आखिर क्यों एक के बाद एक आईएएस दे रहे हैं सरकारी नौकरी से इस्तीफा..

 

 

यह भी पढ़ें: यूपी में आखिर क्यों आत्महत्या कर रहे हैं पुलिस कर्मी.. एक और दरोगा ने खुद को पिस्टल से उड़ाया 

 

 

 

यह भी पढ़ें: यूपी में तबादला सीजन शुरु, 9 आईएएस के बाद 4 सीएमओ के हुए तबादले

अपर पुलिस अधीक्षकों की सूची 

1. शिवराज, एएसपी- मार्डन कंट्रोल रूम, इलाहाबाद

2. शिवराम यादव, एएसपी प्रशिक्षण, मुख्यालय लखनऊ

3. रतना पांडेय, स्टाफ अफसर- एडीजी कानपुर

4. हबीबुल हसन, एएसपी- ईओडब्ल्यू, लखनऊ

5. आलोक शर्मा एएसपी ग्रामीण मुजफ्फरनगर

6. अशोक वर्मा, एएसपी, क्राइम गोरखपुर

7. अशोक राय, एएसपी - अम्बेडकरनगर

8. मोनिका चड्ढा, एएसपी- वूमेन पावर लाइन

9. राजेंद्र यादव, एएसपी- पीटीसी सीतापुर

10. अरविंद कुमार, एएसपी- सतर्कता लखनऊ

यह भी पढ़ें: यूपी में पीसीएस अफसरों के बंपर तबादले, देखें कौन कहां पहुंचा 

11. मनीषा सिंह स्टाफ अफसर एडीजी आगरा

12. प्रज्ञा मिश्रा- एएसपी, सीबीसीआईडी, बरेली

13. नीति द्विवेदी, एएसपी- महिला सम्मान प्रकोष्ठ

14.अयोध्या प्रसाद सिंह- स्टाफ अफसर, एडीजी- वाराणसी

15. साधना सिंह, एएसपी- पुलिस मुख्यालय, इलाहाबाद

16. ओम प्रकाश सिंह, एएसपी- कुम्भ मेला, इलाहाबाद

17. बीपी अशोक- एएसपी- क्राइम मेरठ

18. कमलेश बहादुर, एएसपी- आजमगढ़ 

19. सुभाष चंद्र गंगवार- एएसपी, यातायात- बरेली

20. रामयश सिंह, एएसपी- इटावा नगर

21. अजय प्रताप सिंह, एएसपी- शामली

 

 

 

(डाइनामाइट न्यूज़ के ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)











आपकी राय

#DNPoll क्या लगता है इस बार के लोकसभा चुनाव में बेरोज़गारी व महँगाई जैसी असली समस्या मुद्दे बन पायेंगे?