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नयी दिल्ली: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत के विकसित होने और इसे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ग्रीस उद्योग के योगदान को काफी अहम बताया है।
पुरी ने गुरुग्राम स्थित एनएलजीआई-आईसी में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुक्रवार को उद्घाटन करते हुए ग्रीस उद्योग की अहमियत पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि देश को विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने और आत्मनिर्भर बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने में ग्रीस उद्योग का योगदान अहम होगा।
भारत में ग्रीस का सालाना बाजार करीब 1.8 लाख टन का है और चार प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर के साथ इसके वर्ष 2030 तक 2.5 लाख टन हो जाने की संभावना है।
बुनियादी ढांचागत विकास पर भारत सरकार का ध्यान ग्रीस की बढ़ती मांग में बहुत अहम है। ग्रीस सभी प्रकार के गतिमान उपकरणों को चिकनाई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारत में ग्रीस उद्योग के विकास और संभावनाओं को समर्पित नेशनल लुब्रिकेशन ग्रीस इंस्टीट्यूट-इंडिया चैप्टर (एनएलजीआई-आईसी) इस सम्मेलन का आयोजन कर रहा है।
उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सिद्धार्थ ग्रीस एंड ल्यूब्स के चेयरमैन सुधीर सचदेवा ने कहा, “हम ग्रीस उद्योग का समावेशी विकास चाहते हैं।”
एनएलजीआई-आईसी के प्रमुख एसएसवी रामकुमार की सह-अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन का विषय 'ग्रीस उद्योग की नई संभावनाएं और शुद्ध-शून्य उत्सर्जन' है।
Published : 4 March 2023, 3:15 PM IST
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