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तिरुवनंतपुरम: केरल सरकार ने इडुक्की जिले में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील पहाड़ों के सतत विकास के लिए 'मुन्नार पहाड़ी क्षेत्र प्राधिकरण' के गठन का फैसला किया। यह देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में है।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने यह फैसला लिया।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा कि चिन्नाकनाल पंचायत के वार्ड संख्या आठ और वार्ड संख्या 13 और पल्लीवसल पंचायत के वार्ड संख्या चार और पांच को छोड़कर मुन्नार, देवीकुलम, मरयूर, इदमालक्कुडी, कंथल्लूर, वट्टावदा और मनकुलम क्षेत्र 'मुन्नार पहाड़ी क्षेत्र प्राधिकरण' के अंतर्गत आएंगे।
बयान के मुताबिक, इन क्षेत्रों को 'केरल टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट' 2016 की 'धारा 51' में निर्धारित किया गया था।
बयान में कहा गया है कि 'प्राधिकरण' को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा और जो पहाड़ियों में अवैध अतिक्रमण और निर्माण के मामलों में उचित निर्णय लेगा और उनकी पारिस्थितिकीय सुविधाओं की रक्षा करेगा।
बयान के मुताबिक, 'प्राधिकरण की संरचना को मंजूरी दे दी गई है और इन क्षेत्रों को संयुक्त योजना क्षेत्रों के रूप में घोषित करते हुए एक गजट अधिसूचना जारी की जाएगी। संयुक्त योजना क्षेत्र का मास्टर प्लान बनाने के लिए एक संयुक्त योजना समिति का गठन किया जाएगा।'
समुद्र तल से 1,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मुन्नार कभी दक्षिण भारत में तत्कालीन ब्रिटिश सरकार का ग्रीष्मकालीन पर्यटन स्थल हुआ करता था। इसके विशाल चाय बागान, सुरम्य इलाके, घुमावदार सड़कें और अन्य सुविधाएं हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
Published : 6 April 2023, 1:02 PM IST
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